ठंड और बढ़ी, लेकिन अलाव अब भी नदारद

Updated at : 08 Jan 2026 7:08 PM (IST)
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बारसोई बारसोई प्रखंड में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. अबतक प्रशासनिक स्तर पर ठंड से राहत को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. हालात ऐसे हैं कि लोग जान बचाने के लिए निजी जुगाड़ से आग जलाने को मजबूर हैं. चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आमजन में भारी नाराजगी देखी जा रही है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की महिला नेत्री सीमा उमेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. ठंड बढ़ने के साथ ही बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और रात में काम करने वाले मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. इस संबंध में सीओ श्याम सुंदर साह ने दावा किया है कि चौक-चौराहों पर लकड़ी गिराई गई है. ताकि जरूरत पड़ने पर अलाव जलाया जा सके. नागरिकों ने कहा, जमीनी स्तर पर कहीं भी अलाव जलता नजर नहीं आ रहा है. प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए है. लोगों का आरोप है कि यदि वास्तव में लकड़ी गिराई गई होती तो ठंड के इस प्रचंड दौर में लोग निजी जुगाड़ से आग जलाने को विवश नहीं होते. कहा, प्रशासनिक दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है. लोगों ने मांग की है कि कागजी कार्रवाई और बयानबाजी से आगे बढ़कर तुरंत सभी प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों व ऑटो स्टैंड तथा पंचायत मुख्यालयों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. अन्यथा, बढ़ती ठंड के बीच किसी बड़ी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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