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रैन बसेरा में पेयजल की नहीं है व्यवस्था, रहने वाले लोग मंदिर से पानी लाकर पीने को मजबूर

Updated at : 22 Dec 2024 7:07 PM (IST)
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रैन बसेरा में पेयजल की नहीं है व्यवस्था, रहने वाले लोग मंदिर से पानी लाकर पीने को मजबूर

रैन बसेरा में पेयजल की नहीं है व्यवस्था, रहने वाले लोग मंदिर से पानी लाकर पीने को मजबूर

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– शौचालय व बेसिंग का का नल है टूटा हुआ – सीसीटीवी भी नहीं कर रहा काम, सुरक्षा पर उठ रहे सवाल फोटो 15,16 कैप्शन- रैन बसेरा में रह रहे लोग, टूटा हुआ नल की हालत प्रतिनिधि, कटिहार बढ़ते ठंड के बीच सदर अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरा को अपडेट तो रखा गया है. लेकिन यहां पर शरण लेने वाले लोगों को मूलभूत सुविधा से महरूब होना पड़ रहा है. नगर निगम की ओर से संचालित यहां रैन बसेरा में कुल 44 बेड लगे हुए हैं. जहां 44 लोग रैन बसेरा में रहने का लाभ उठा सकते हैं. फिलहाल अभी वर्तमान में रैन बसेरा में कुछ ही लोग शरण लिए हुए हैं. सदर अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरा में महिला और पुरुष के रहने की अलग व्यवस्था है. दो फ्लोर पर बने रैन बसेरा में नीचे ग्राउंड फ्लोर पर पुरुष के रहने की व्यवस्था की गयी है. जबकि ऊपर के फ्लोर पर महिलाओं की रहने की व्यवस्था है. हाल में बढ़ते ठंड के बीच लोगों ने यहां शरण लेना शुरू कर दिया है. लेकिन रह रहे लोगों यहां परेशानी उठानी पड़ रही है. सबसे ज्यादा परेशानी यहां पर रहने वाले लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है. रैन बसेरा में फिल्टर मशीन तो जरूर लगे हुए हैं. लेकिन वह काम नहीं कर रहा है. जिस कारण यहां पर रहने वाले लोग बाहर मंदिर में लगे चापाकल से पानी पीने के लिए मजबूर है. शौचालय में नल टूटे हुए हैं. मुंह हाथ धोने के लिए बेसिंग भी टूटा हुआ है. जहां पर लोग शरण लिए हुए हैं. उस कमरे में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं है. जिससे लोग परेशान हो रहे हैं. रैन बसेरा में रुके सुनील कुमार, बच्चू चक्रवर्ती, तारक चक्रवर्ती ने बताया कि पीने के पानी के लिए हम सभी को मंदिर जाकर वहां से चापाकल से पानी भरकर लाना पड़ता है. यहां पर फिल्टर मशीन तो लगा हुआ है. लेकिन वह काम नहीं कर रहा है. कमरे में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं है. बाथरूम का नल भी टूटा हुआ है. सुरक्षा की दृष्टि से लगाये गये सीसीटीवी नहीं कर रहा है काम ———————————————————————– रेन बसेरा में कौन आ रहा है, कौन जा रहा है. क्या गतिविधि है. इसको लेकर सुरक्षा की दृष्टिकोण से लगाये गये सीसीटीवी काम नहीं कर रहा है. सीसीटीवी सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. रेन बसेरा में एंट्री होने पर सीसीटीवी में आने वाले का चेहरा कैद हो जाता है. जिससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बहुत मायने रखता है. लेकिन नगर निगम की उदासीनता के कारण कहे या अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी लगाये गये सीसीटीवी का मशीन खराब पड़े महीनो हो गये हैं. लेकिन इसे ठीक करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है. सुरक्षा की दृष्टिकोण से सीसीटीवी का काम करना रेन बसेरा में बहुत ही जरूरी है. क्योंकि रेन बसेरा में कई लोग ऐसे भी आते हैं. जो बाहर से उन्हें कहीं शरण नहीं मिलता तो वह रैन बेसरा में शरण ले सकते हैं. ऐसे में आने वाले शरणार्थियों की पहचान और उनकी गतिविधि को कैद करने के लिए सीसीटीवी कैमरा का काम करना बेहद ही जरूरी है. हालांकि रेन बसेरा में शरण लेने वाले शरणार्थियों का आधार कार्ड लेना अनिवार्य है. लेकिन वहां की स्थिति कैमरे में कैद हो यह भी बहुत जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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