बलिया बेलौन जम्मू कश्मीर के पहलगाम में भयावह आतंकी हमला की घोर निंदा कर कायराना हरकत बताते हुए वायु सेना के पूर्व अधिकारी जावेद आलम ने कहा की ऐसे कायर आतंकवादियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पर्यटकों और आम नागरिकों को निशाना बनाया. हमलावरों ने वाहनों को रोका, यात्रियों से नाम पूछे, फिर निर्दोषों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी. इस बर्बर हमले में 26 नागरिकों की मौत होने की सूचना है. कई गंभीर रूप से घायल हैं. यह बेहद चिंताजनक है. ऐसी योजना बनाने, हथियार जुटाने और उसे अंजाम देने वाले आतंकवादी हाई अलर्ट क्षेत्र में कैसे सक्रिय हो पाये. यह खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. पूर्व वायुसेना अधिकारी और सैनिक संगठन कटिहार के सचिव जावेद आलम ने इस कायराना हमले की घोर निंदा की है. यह सिर्फ निर्दोषों पर हमला नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और आत्मा पर हमला है. नाम पूछकर मारना यह दर्शाता है कि आतंकियों की मानसिकता कितनी जहरीली और घृणित है. 2019 के पुलवामा हमले की यादें फिर ताजा हो गईं हैं. इस दुखद घटना में निंदा या प्रतीक्षा का समय नहीं है. सेनाओं को पूरी छूट दी जानी चाहिए. ताकि वे इन दरिंदों और उनके नेटवर्क को ढूंढ निकालें और पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दें. भारत की सेना जानती है कि दुश्मनों से कैसे निपटना है. अब निर्णायक कार्रवाई का समय है. न्याय के लिए, शहीदों के लिए और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए ये हमला एक चेतावनी है. देश एकजुट है, सबक सिखाना जरूरी है.
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