– दुर्घटना के बावजूद नहीं चेते लोग कोढ़ा प्रखंड के बिशनपुर पंचायत में इन दिनों किसानों ने ग्रामीण सड़कों पर मक्का सुखाने की प्रवृत्ति आम होती जा रही है. जो अब दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन चुकी है. मक्के को फैलाकर सुखाने के कारण सड़कों की चौड़ाई घट जाती है. जिससे आने-जाने वाले वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. हाल ही में एनएच -31 पर इसी वजह से हुए एक भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था. लेकिन इसके बावजूद किसानों की लापरवाही व प्रशासन की निष्क्रियता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है. बिशनपुर पंचायत की अधिकतर ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई मात्र 10 से 12 फीट है. इस सीमित जगह में जब मक्का फैलाकर सुखाया जाता है. तो वाहन चालकों के लिए रास्ता निकलना मुश्किल हो जाता है. बाइक, स्कूटी और बाइक सवार विशेष रूप से प्रभावित होते है. कई मामलों में मक्के पर फिसलकर गिरने या ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के पलटने की घटनाएं सामने आयी है. यह स्थिति केवल ग्रामीण इलाकों तक ही सीमित नहीं है. एनएच 31 जैसी मुख्य सड़कों पर भी किसान बेधड़क मक्का सुखाते नजर आते हैं. ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों को ब्रेक लगाना मुश्किल होता है. हादसे आम हो गए हैं. ट्रैफिक नियमों की लगातार अनदेखी से जनहानि की घटनाएं बढ़ती जा रही है. स्थानीय निवासी संजय मंडल कहते हैं, हम रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं. सड़कों पर मक्का फैला होता है और कई बार हमारे वाहन फिसल जाते हैं. हमने कई बार पंचायत से शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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