वरिष्ठ पत्रकार के निधन से कटिहार में शोक

वरिष्ठ पत्रकार के निधन से कटिहार में शोक
कटिहार जिले के वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर प्रसाद सिन्हा (आरपी सिन्हा) के निधन से कटिहार का पत्रकारिता जगत व हर तबका शोक में डूब गया है. पिछले तीन दशक से भी अधिक समय से मुख्यधारा की पत्रकारिता में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने वाले सिन्हा के निधन की खबर जिले में आग की तरह फैल गयी. करीब 84 वर्षीय आरपी सिन्हा का निधन मंगलवार की शाम को हो गया. वह पिछले कुछ माह से बीमार चल रहे थे. शहर के हाई स्कूल पारा स्थित उनके आवास पर पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिक दल के नेताओं की भीड़ लग गयी. आरपी सिन्हा 80 के दशक में पत्रकारिता से जुड़े तथा आर्यावर्त, आज, प्रभात खबर सहित कई पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे है. मृदुभाषी एवं मिलनसार स्वभाव के सिन्हा ने अपने पत्रकारिता जीवन में एक अमिट छाप छोड़ी है. कटिहार का हर तबका उनके निधन को कटिहार के पत्रकारिता जगत का अपूर्णीय क्षति मान रहे है. शहर के गौशाला निवासी व वरिष्ठ पत्रकार विजय सुदामा की मानें तो पत्रकारिता के क्षेत्र में वह आरपी सिन्हा के नाम से ज्यादा मशहूर थे. इधर चार पांच दिनों से उनकी तबीयत कुछ खराब चल रही थी. उनके सबसे बड़े भाई स्व सूर्यदेव नारायण सिंहा थे. जिनके नाम पर लाल कोठी में सूर्यदेव नारायण सिन्हा विधि महाविद्यालय चल रहा है. दुसरे स्व सिद्धेश्वर सिन्हा थे. सबसे छोटे भाई अब रामेश्वर प्रसाद सिन्हा भी अब नहीं रहे. चार भाइयों में तीसरे स्थान पर अनाथालय रोड स्थित कामेश्वर प्रसाद सिन्हा रहते है. श्री सिन्हा का भी कटिहार में पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत योगदान रहा है. उनकी इकलौती बहन स्व पार्वती वर्मा 1954 में कोंग्रेस की विधायक रही है. ये सभी भाई बहन पैतृक गांव समैली प्रखंड स्थित डुम्मर गांव कटिहार से बहुत पहले ही कटिहार शहर आ गये थे.
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