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होलिका दहन के साथ होली की शुरुआत, लोगों ने जमकर खेला अबीर गुलाल

Updated at : 02 Mar 2026 6:59 PM (IST)
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होलिका दहन के साथ होली की शुरुआत, लोगों ने जमकर खेला अबीर गुलाल

होलिका दहन के साथ होली की शुरुआत, लोगों ने जमकर खेला अबीर गुलाल

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कटिहार होलिका दहन के साथ ही सोमवार को होली की शुरुआत हो गयी. होलिका दहन सोमवार को देर रात को की गयी. होलिका दहन शहर के बड़ा बाजार के साथ शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर किया. सबसे बड़ा भव्य होलिका दहन शहर के बड़ा बाजार में किया गया. होलिका दहन से पूर्व सुबह 10:30 बजे बड़ा बाजार हॉट होलिका दहन समिति की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विद्वान पंडितों द्वारा स्तंभरोपण का कार्य संपन्न किया. पूरे विधि विधान के साथ स्तंभ रोपण करने के बाद समाज की महिलाएं वहां पहुंचकर होलिका दहन स्थल की पूजा किया. देर शाम तक महिलाएं होलिका दहन को लेकर बड़ा बाजार हाट में गोबर के उपले से होलिका दहन के लिए सजाया गया. शुभ मुहूर्त के तहत रात के 12:35 पर होलिका दहन किया. विधि व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो जिला प्रशासन द्वारा स्थल के चारों तरफ पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही. महिलाओं की उपस्थिति को देखते हुए महिला पुलिस की भी तैनाती की गई थी. होलिका दहन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा. शुभ मुहूर्त के समय पूरे विधि विधान के साथ होलिका दहन किया गया. हालांकि सुबह स्तंभ रोपण के साथ ही सभी ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की बधाई भी दिया और स्वादिष्ट व्यंजनों का भी भरपूर आनंद उठाया. इस अवसर पर विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, मेयर उषा देवी अग्रवाल, पूर्व मंत्री डॉ राम प्रकाश महतो, समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ मुकीम, संयोजक राजकुमार मुरारका, बुल्ली बजाज, गोपाल सुल्तानिया, विमल सिंह बेगानी, मनोज रूंगटा, राजू मांझी, राहुल मुरारका, चिकू मुकीम, चंचल सुल्तानिया, टप्पू चौधरी, पिंटू सुल्तानिया, आकाश अग्रवाल, प्रकाश तम्बाकू वाला आदि उपस्थित रहे. होली पर्व को लेकर बाजार रहा पूरा गुलजार,होली सामग्री की खरीदारी होली पर्व को लेकर सोमवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी अंतिम तैयारी में जुटे रहे. हालाकि इस वर्ष सोमवार की देर रात होलिका दहन व बुधवार के दिन होली मनायी जायेगी. लेकिन सोमवार के दिन से ही होली की शुरुआत हो गयी. होली को लेकर बाजार में भीड़ कुछ इस कदर रही के लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया था. होली पर्व की खरीदारी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग सुबह बाजार में दिखे तो शाम के समय बाजार में शहर के लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ रही. जैसे-जैसे शाम ढलता गया वैसे-वैसे बाजार कि रौनक भी बढ़ती गयी. शाम के समय बाजार के हालात ऐसे हो गए की रह रह कर बाजार में जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही थी. शहर के चारों तरफ होली का खुमार साफ दिख रहा था. शहर के बड़ा बाजार, मंगल बाजार, फलपट्टी, मिरचाईबाड़ी आदि चौक चौराहों पर होली को लेकर दुकानों पर खरीदारी के लिए जबरदस्त भीड़ रही. बड़ा बाजार के साथ अन्य चौक चौराहों पर को होने वाले होलिका दहन को लेकर तैयारियां में लोग जुटे रहे. पूरा बाजार रंगों के इस त्यौहार में रंग में रंगा रहा. बाजार में तरह-तरह के पिचकारी के साथ कई मुखौटा व रंग -बिरंगे गुलाल से पूरा बाजार पटा रहा. बच्चों के लिए डोरेमोन, स्पाइडरमैन, अवेंजर्स, पिट्ठी बैग, बंदूक, पम्प जैसे पिचकारी बाजार में धड़ल्ले से बिके, 30 रु से लेकर 1000 रु तक की पिचकारी बाजार में बिकी, बंदूक गन, पिठ्ठू पिचकारी, पंप पिचकारी आदि बाजार में सबसे ज्यादा बिके, मुखौटा में भूत, स्पाइडर मैन, शेर, एडवेंचर्स बिल्ली, कुत्ता, हिरन, हैकर, खरगोश, गोरिला आदि जानवरो का मुखौटा की भी खरीदारी लोगो ने खूब की. होली में वेष बदलने को लेकर बाजार में कई तरह के वेष बदलने के साजो सामान जैसे रंग बिरंगे बाल, मुछ, ढाढ़ी की भी खरीदारी खूब हुई. हुड़दंगगबाजी करने के लिए कई तरह के ऐसे उपकरण ढोल, पॉपी भी बाजार में खरीदारों की कमी नहीं रही. सभी तरह के वीक 50 रूपया से लेकर 200 रूपया तक के बिके. बच्चों से लेकर बड़े तक के मुखौटा 10 रूपया से लेकर 100 रूपया तक के मुखोटे बाजार में बिके. राजस्थानी टोपी 35 से लेकर 50 तक बिकी. बाजार में रंग स्प्रे अबीर पटाका की मांग सबसे ज्यादा रही. जिसकी खरीदारी लोग सबसे ज्यादा किया. 10 रूपया से सामान्य रंग से लेकर 100 रूपया तक के डिब्बों में रंग मिले. 10 रूपया से लेकर 30 रूपया तक की अच्छी क्वालिटी के भी अबीर बाजार में रही. होली को लेकर लोगों में भरपूर उत्साह रहा तो दूसरी तरफ दुकानदारों के चेहरे भी खुशी से लाल रहे. खाद सामग्री खरीदारी के लिए लोगों की लगी रही भीड़ कोई भी पर्व आये उसमें घर में पकवान जरूर बनते हैं. खासकर के होली का पर्व हो और तरह तरह के पकवान न बने तो होली का मजा ही नहीं आता, होली पर्व में जहां अपने घरों के सदस्यों के लिए पकवान बनाई जाती है. तो यह भी परंपरा चली आ रही है कि होली के दिन आने वाले रिश्तेदार अपने संगी साथी के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं. लोअर क्लास हो या मिडिल क्लास या हाई सोसाइटी सभी अपने अपने हिसाब से खास करके होली पर्व में खाने पीने में कोई कमी नहीं करते हैं. पकवान बनाने को लेकर सोमवार के दिन से ही खाद सामग्री की खरीदारी के लिए दुकानें में लोगों की भारी भीड़ रही. सभी अपने अपने हिसाब से खरीदारी करते हुए नजर आये. हालांकि इस बढ़ती महंगाई में लोगों ने कुछ चीजों से जरूर समझौता किया. लेकिन अपने हिसाब से खरीदारी करने से पीछे नहीं हटे.

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RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

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