एक साल में 498 गांवों में पहुंची िबजली
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कटिहार िजले में एक साल में 498 गांवों में िबजली पहुंचायी गयी. इसको लेकर िजले को शॉर्ट लिस्टेड किया गया है. योजना में अव्वल आने के कारण िजले को प्रधानमंत्री अवार्ड िमल सकता है. कटिहार : वर्षों से बिजलीकरण से वंचित गांव में से अधिकांश गांवों के बिजलीकरण का कार्य एक साल के भीतर किये […]
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कटिहार िजले में एक साल में 498 गांवों में िबजली पहुंचायी गयी. इसको लेकर िजले को शॉर्ट लिस्टेड किया गया है. योजना में अव्वल आने के कारण िजले को प्रधानमंत्री अवार्ड िमल सकता है.
कटिहार : वर्षों से बिजलीकरण से वंचित गांव में से अधिकांश गांवों के बिजलीकरण का कार्य एक साल के भीतर किये जाने से खुश केंद्र सरकार कटिहार जिला को प्रधानमंत्री अवार्ड से सम्मानित कर सकती है. भारत सरकार के कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय अंतर्गत प्रशासनिक सुधार एवं जन शिकायत विभाग के निदेशक ने जिला पदाधिकारी ललन जी को इस आशय से संबंधित पत्र प्रेषित कर 24 फरवरी को दिल्ली में होने वाले एक कार्यक्रम में पावर प्रजेंटेशन करने के साथ प्रतिवेदन लेकर उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
विभाग की निदेशक रिचा गेहरवार (प्रशासनिक सुधार) की ओर से डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि उनके पत्र के आलोक में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के बेहतर क्रियान्वयन करने को लेकर विभाग द्वारा प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए बनाये गये शाॅर्ट लिस्ट में कटिहार जिला को शामिल किया गया है. लेकिन अब विभाग द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से अंतिम रूप से जिला का चयन किया जायेगा. इसके लिए 24 फरवरी को दिल्ली के सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट चाण्क्यपुरी विजय मार्ग नयी दिल्ली में उपस्थित होकर जिले में योजना के क्रियान्वयन को लेकर पावर प्रेजेंटेशन सहित अन्य प्रतिवेदन के माध्यम से संतुष्ट करना है. इसमें जिला पदाधिकारी व योजना के कार्यपालक अभियंता को शामिल होना है.
एक साल में 498 गांवों का हुआ बिजलीकरण : योजना के तहत लक्षित 970 गांवों में से 498 गांवों का बिजलीकरण एक साल के भीतर किया गया है. यह ऐसे गांव है जहां आजादी के बाद से अबतक बिजली नहीं पहुंच पायी थी. दरअसल ऊर्जा विभाग बिहार के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कटिहार जिले में अधिकांश गांव में बिजली नही पहुंचने को लेकर काफी चिंतित थे. श्री अमृत ने कटिहार के गांवों को बिजलीकरण करने के लिए दो एजेसिंयों को जिम्मेदारी दी. लक्ष्य के विरुद्ध 485 गांव के बिजलीकरण की जिम्मेवारी इनरगो कंपनी को दी, जबकि शेष गांव के बिजलीकरण की जिम्मेवारी कैबकॉन को मिली. साथ ही क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न स्तरों पर निगरानी भी की गयी. कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंड अमदाबाद, मनिहारी, बलरामपुर, बारसोई, आदि प्रखंड के गांवों में बिजलीकरण करना काफी चुनौतीपूर्ण था. लेकिन अब इन प्रखंडों के 80 प्रतिशत गांव का बिजलीकरण हो चुका है.
बिजलीकरण में हो चुके इन गांवों में अब कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है.
कुछ नया तरीका भी अपनाया : गांव के बिजलीकरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुछ नये तरीके भी अपनाये गये. मसलन तीन महीने व छह महीने का वर्क प्लान तैयार कर उसे जिला की ऑफिसियल वेबसाइट पर डाला गया. इससे लोगों को जानकारी मिल गयी थी कि कब किस गांव को बिजलीकरण होना है. बिजलीकरण के नाम पर विभिन्न स्तरों पर अवैध वसूली करने वाले सात – आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा लगातार बैठक कर योजना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा की जाती रही, जबकि सांसद की अध्यक्षता में जिला बिजली समिति की हर तीन महीने में होने वाली बैठक में भी बिजलीकरण के कार्यों की समीक्षा की जाती रही. यही वजह है कि एक साल में लक्ष्य के विरुद्ध आधे से अधिक गांव का बिजलीकरण किया जा सका.
इन कारणों से कटिहार जिला हुआ है शॉर्ट लिस्ट में शामिल
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कटिहार के जिला पदाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए भेजे गये प्रस्ताव को मंत्रालय के द्वारा शॉर्ट लिस्ट में शामिल करने से अधिकारियों में हर्ष व्याप्त है. स्थानीय योजना के क्रियान्वयन एजेंसी की माने तो पिछले एक वर्षों में गांव के बिजलीकरण के मामले में कटिहार जिला पूरे भारत में टॉप पर है. स्थानीय विभागीय सूत्रों के अनुसार गांवों के बिजलीकरण के लिए पहले राजीव गांधी बिजलीकरण योजना चलायी गयी थी. उसके बावजूद कटिहार जिला में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम गांवों में बिजली पहुंच पायी थी. दसवीं व ग्यारहवीं योजना के तहत भी लक्ष्य के विरुद्ध गांव तक बिजलीकरण नहीं हो सका है. इसके बाद योजना का नाम बदलकर दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना हो गया. पूरा जोर बारहवीं योजना के तहत बिजलीकरण पर हुआ. बारहवीं योजना के तहत कटिहार जिले के 970 गांवों को बिजलीकरण करने का लक्ष्य रखा गया. जिले के सभी सोलह प्रखंड के लक्षित गांव को बिजलीकरण करना एक चुनौतीपूर्ण था. लेकिन विद्युत विभाग परियोजना द्वारा कार्य योजना बनाकर एक साल के भीतर लक्ष्य के विरूद्ध 498 गांवों का बिजलीकरण किया गया. इसमें ऊर्जा विभाग बिहार के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
एक साल में 498 गांवों में पहुंचायी बिजली
24 फरवरी को दिल्ली के कार्यक्रम में पावर प्रजेंटेशन किया जायेगा. स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए अंतिम रूप से चयन किया जाना है. एक साल के भीतर कटिहार जिला में सबसे अधिक गांव का बिजलीकरण किया गया है. कटिहार देश का पहला जिला है, जिसने एक वर्ष में 498 गांव में बिजलीकरण किया है.
अरविंद कुमार, कार्यपालक अभियंता, बिजली परियोजना
दिल्ली में 24 फरवरी को किया जायेगा प्रस्तुत
प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए भेजे गये प्रस्ताव को भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय की ओर से शॉर्ट लिस्ट में शामिल किया गया है. 24 फरवरी को दिल्ली के कार्यक्रम में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जायेगा.
मुकेश पांडे, प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उपविकास आयुक्त
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