बैरिकेडिंग के खिलाफ 1.20 घंटे रोकी कटिहार-मनिहारी पैसेंजर
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कटिहार : कटिहार रेलवे की ओर से मुख्य मार्ग अवरुद्ध किये जाने को लेकर मनसाही के सैकड़ों निवासी ने कटिहार-मनिहारी पैसेंजर ट्रेन को रोक कर घंटों रेलवे प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की. तकरीबन एक घंटे बीस मिनट तक आक्रोशित लोगों ने ट्रैक को जाम कर कटिहार-मनिहारी पैसेंजर ट्रेन को रोके रखा. इधर घटना की जानकारी […]
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कटिहार : कटिहार रेलवे की ओर से मुख्य मार्ग अवरुद्ध किये जाने को लेकर मनसाही के सैकड़ों निवासी ने कटिहार-मनिहारी पैसेंजर ट्रेन को रोक कर घंटों रेलवे प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की. तकरीबन एक घंटे बीस मिनट तक आक्रोशित लोगों ने ट्रैक को जाम कर कटिहार-मनिहारी पैसेंजर ट्रेन को रोके रखा. इधर घटना की जानकारी मिलते ही एसआरपी व आरपीएफ कमांडेट के निर्देश पर काफी संख्या में आरपीएफ व जीआरपी पुलिस पदाधिकारी पुलिस जवान के साथ घटना स्थल पर पहुंचे व लोगों को समझाने बुझाने में जुट गये. इधर घटना की जानकारी मिलते ही कटिहार रेल मंडल के वरीय अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे व लोगों की बातों को सुनकर उन्हें आश्वस्त करते हुए रेल मार्ग प्रशस्त कराया. इसके बाद उक्त ट्रेन मनिहारी के लिए खुली.
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटिहार से 9.45 मिनट पर खुलने वाली कटिहार- मनिहारी पैसेंजर ट्रेन 55774 को मनसाही व कुमारीपुर रेलवे स्टेशन के बीच सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने मनिहारी जाने वाली रेलवे ट्रैक को जाम कर पैसेंजर ट्रेन रोक दिया. आक्रोशित लोगों ने रेल प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि राघवपुर से भेड़मारा, संथाली टोला, बलुआ आदि गांव में जाने का एक मात्र मार्ग था. उक्त गांव की आबादी तकरीबन दस हजार है.
वहीं गांव में विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है. इस कारण छात्र छात्राओं का भी आवागमन इस मार्ग से ही होता है. रेल फाटक नहीं होने की वजह से रेलवे ने उक्त मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दिया. इससे उक्त मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया. रेलवे के द्वारा जनहित में उठाये गये गलत फैसले को लेकर स्थानीय लोगों ने रेलवे के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हुए तकरीबन 1.20 मिनट पैसेंजर ट्रेन को रोके रखा.
इधर घटना की जानकारी मिलते ही डीआरएम उमाशंकर प्रसाद यादव के निर्देश पर रेलवे अधिकारी सहित आरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद शाकिब के निर्देश पर आरपीएफ इंस्पेक्टर बदरेआलम सहित आरपीएफ बल एवं एसआरपी उमाशंकर प्रसाद के निर्देश पर जीआरपी इंस्पेक्टर अमर विश्वास सहित काफी संख्या में जीआरपी बल मौका स्थल पर पहुंचे व लोगों को समझाने बुझाने के प्रयास में जुट गये. घंटों मश्क्कत के बाद रेलवे अधिकारी के द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त करने के पश्चात लोगों ने ट्रैक से जाम हटाया.
रेल के नये नियम के अनुसार मानव सहित रेल फाटक का निर्माण अब रेलवे नहीं कर सकता है. लोगों को अगर समस्या है तो आरओबी या फिर भीतरगामी पुल का निर्माण बिहार सरकार करा सकता है. इसके लिए जिला प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप करना होगा . मनरेगा सहित अन्य विभाग की ओर से एप्रोच सड़क को रेलवे के आरपार बना दिया जाता है जो कि अनाधिकृत है. रेलवे अपने नियमानुसार ही मानव सहित रेलवे फाटक का निर्माण कराता है. मानवरहित रेल लाइन को पार करना अपराध है अगर इस दौरान किसी प्रकार की हादसा हो जाये तो उसकी जिम्मेवारी रेलवे की नहीं होती है.
उमाशंकर प्रसाद यादव, डीआरएम
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