मात्र 4.73 फीसदी को ग्रेड ए

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अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन . वर्ग के अनुसार विद्यार्थियों में ज्ञान की कमी प्रारंभिक विद्यालयों में अक्तूबर में हुई अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. इस परीक्षा में शामिल सर्वाधिक बच्चों को ग्रेड सी ही मिला है. कटिहार : सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के दावे की […]

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अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन . वर्ग के अनुसार विद्यार्थियों में ज्ञान की कमी

प्रारंभिक विद्यालयों में अक्तूबर में हुई अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. इस परीक्षा में शामिल सर्वाधिक बच्चों को ग्रेड सी ही मिला है.
कटिहार : सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के दावे की जिले में हवा निकल रही है. अभी हाल ही में नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2015 की जारी रिपोर्ट में प्रारंभिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान को लेकर स्थिति स्पष्ट की गयी थी. अब प्रारंभिक विद्यालय में अक्तूबर में हुई अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम ने भी मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. हालांकि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा
अधिकार कानून 2009 के लागू होने के बाद अप्रैल 2010 से प्रारंभिक विद्यालयों में परीक्षा संचालन पूरी तरह बंद हो चुका था. परीक्षा बंद होने के बाद सतत मूल्यांकन के आधार पर पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रवेश की अनुमति दी जाती थी. पर, इस बार राज्य सरकार ने प्रारंभिक विद्यालयों के बच्चों के सीखने व समझने की क्षमता की जांच को लेकर अक्तूबर में एक साथ राज्यभर में अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा हुई थी. परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है. ग्रेडिंग के आधार पर परिणाम देखने से प्रारंभिक विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल उठते हैं. जिले में कुल 1847 प्रारंभिक विद्यालय में कुल 604874 बच्चे नामांकित हैं. इसमें से अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में 422985 बच्चे सम्मिलित हुए थे.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की खुल गयी पोल
42.65 फीसदी बच्चों ने ग्रेड सी हासिल किया
जिले में कुल 1847 प्रारंभिक विद्यालय में नामांकित 604874 छात्र-छात्राओं में से 422985 छात्र-छात्राएं अक्तूबर में हुई अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में शामिल हुए थे. जिला स्तर पर अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन का परिणाम घोषित कर दिया गया है. इसमें मात्र 4.73 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने ग्रेड ए हासिल किया है, जबकि ग्रेड सी हासिल करने वाले सर्वाधिक बच्चे हैं. मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित कुल छात्र-छात्राओं में 42.65 प्रतिशत बच्चों ने ग्रेड सी हासिल किया है. जबकि 24.99 प्रतिशत बच्चों ने ग्रेड बी रैंक हासिल किया है. इसी तरह ग्रेड डी व ई रैंक हासिल करने वाले बच्चों की तादाद क्रमश: 18.02 व 9.62 प्रतिशत है. अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन का यह परिणाम बताता है कि प्रारंभिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं में सीखने समझने की क्षमता कम है.
अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के आधार पर छात्र-छात्राओं की ग्रेडिंग की गयी है. ग्रेडिंग में शैक्षणिक स्तर पर कमजोर पाये गये बच्चों के लिए जनवरी से विशेष कक्षा का आयोजन किया जायेगा.
श्रीराम कुमार, डीपीओ, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्वशिक्षा अभियान
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