साहब, कानून का पालन तो कर लेंगे, प्रकिया आसान हो

Updated at : 24 Sep 2019 8:57 AM (IST)
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साहब, कानून का पालन तो कर लेंगे, प्रकिया आसान हो

कटिहार : नया मोटर कानून आने के बाद मोटर चालकों में हड़कंप मचा हुआ है. ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, प्रदूषण सहित वाहन परिचालन से जुड़े कई कागजात को बनाने के लिए वाहन चालक पिछले एक सितंबर से जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. जिला परिवहन कार्यालय में काउंटर कम रहने की वजह से वाहन […]

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कटिहार : नया मोटर कानून आने के बाद मोटर चालकों में हड़कंप मचा हुआ है. ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, प्रदूषण सहित वाहन परिचालन से जुड़े कई कागजात को बनाने के लिए वाहन चालक पिछले एक सितंबर से जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. जिला परिवहन कार्यालय में काउंटर कम रहने की वजह से वाहन चालकों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पिछले कई दिनों से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए वाहन चालक सुबह से ही जिला परिवहन कार्यालय के पास काउंटर से लेकर नीचे तक कतार में लग जाते है. जब 10:00 बजे दिन के आसपास डीटीओ कार्यालय के काउंटर खुलता है. तब तक ढाई सौ से अधिक लोग पंक्ति में लगे रहते है. यह सिलसिला अपराहन तीन-चार बजे तक चलता है.
सोमवार को भी कमोवेश यही स्थिति थी. प्रभात खबर के प्रतिनिधि करीब 11:00 बजे दिन में डीटीओ कार्यालय पहुंचे तो लंबी कतारें लगी हुयी थी. कई लोगों ने बताया कि 15-15 दिन से यहां चक्कर लगाते है. कभी सॉफ्टवेयर में खराबी होने का कारण बताकर लौटा दिया जाता है तो कभी कागजात पूरा नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है. काउंटर कम रहने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है.
काउंटर की कमी से हो रही है परेशानी: ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कागजात बनाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय में दो से तीन काउंटर सक्रिय है. इन काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहती है. करीब ढाई-तीन घंटा तक लोगों को कतार में लगना पड़ता है. अधिकांश समय ऐसा होता है कि जब व्यक्ति दो-तीन घंटा कतार में लगकर काउंटर पर पहुंचते है.
तब वहां के ऑपरेटर के द्वारा बताया जाता है कि सॉफ्टवेयर में खराबी आ गयी है. सॉफ्टवेयर में खराबी भी करीब दो-तीन घंटा तक रहता है. इस वजह से भी अधिकांश लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. वाहन चालकों को एक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तीन से चार दिन का चक्कर लगाना पड़ता है. डीटीओ कार्यालय में कई ऐसे लोग भी मिले. जिन्हें एक सप्ताह तक चक्कर लगाना पड़ा है.
लोगों ने कहा कि प्रखंड स्तर पर काउंटर लगाने से लोगों को आसानी हो जायेगी. सरकार कानून बना दी है. आम लोग कानून का पालन भी करना चाहते है. पर इतनी जटिल प्रक्रिया है कि मेहनत- मजदूरी छोड़कर ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कागजात बनाने के लिए सप्ताह दिन का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौन : नये मोटर कानून के लागू होने के बाद वाहन चेकिंग अभियान से वाहन चालकों में दहशत व्याप्त है. आधे से अधिक वाहन अब शहर नहीं आ रहे है. दूसरी तरफ वाहन चेकिंग व जुर्माना को देखते हुए वाहन चालक ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य काजल बनाने के लिए डीटीओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. वाहन चालको को हो रही परेशानी से किसी को कोई मतलब नहीं है.
इस ओर न तो वरीय अधिकारी का ध्यान जाता है और न ही जनप्रतिनिधि की ओर से वाहन चालकों की परेशानी दूर करने के लिए प्रखंड स्तर पर काउंटर खोलने की दिशा में कोई पहल करायी जाती है. डीटीओ कार्यालय के काउंटर में वाहन चालकों को किस तरह की परेशानी हो रही है. इसकी समीक्षा या अनुश्रवण तक नहीं होती है.
प्राणपुर के पंकज कुमार, अमदाबाद के अनिसुर, बारसोई के उस्मान, कदवा के मनोज कुमार व रोहित कुमार आदि ने मौके पर प्रभात खबर के प्रतिनिधि के साथ बातचीत में कहा कि वे लोग चार-पांच दिन से इस कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. नए कानून का वे लोग पालन करना चाहते है. लेकिन इतनी जटिल प्रक्रिया है कि सब काम धंधा छोड़कर ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य काजल बनाने के लिए यहां जमे हुए है. आज नहीं बना तो कल फिर आना पड़ेगा. जनप्रतिनिधि भी कुछ नहीं कर रहै है. अगर प्रखंड स्तर पर व्यवस्था होता तो इस तरह की परेशानी नहीं होती.
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