Gaya News : डिग्री के लिए स्टूडेंट्स परेशान, महीनों करना पड़ रहा इंतजार

Edited by PANCHDEV KUMAR
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने 15 दिनों में डिग्री उपलब्ध कराने का दिया था आश्वासन, दूर-दराज से आये छात्र-छात्राओं को परीक्षा विभाग में काटने पड़ रहे हैं चक्कर

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बोधगया. मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और मुख्यालय स्थित विभागों से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं को मूल प्रमाणपत्र (डिग्री) हासिल करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है़ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तय 15 दिन की समय सीमा के बावजूद छात्रों को दो-दो महीने या उससे भी ज्यादा समय तक डिग्री के लिए भटकना पड़ रहा है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी शाही ने पदभार ग्रहण करने के बाद यह आश्वासन दिया था कि डिग्री अधिकतम 15 दिनों में निर्गत कर दी जायेगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. परीक्षा शाखा में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र अपनी डिग्री के लिए आवेदन की स्थिति जानने पहुंचते हैं, पर अधिकतर को ‘प्रक्रिया चल रही है’ का जवाब मिल रहा है. स्टूडेंट्स का बढ़ रहा मानसिक तनाव छात्रों का कहना है कि डिग्री की जरूरत नौकरी में आवेदन, किसी इंटरव्यू में शामिल होने या उच्च शिक्षा संस्थानों में नामांकन के लिए होती है. देरी के कारण न सिर्फ उनके करियर पर असर पड़ रहा है बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है. कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि अर्जेंट प्रक्रिया के तहत आवेदन करने पर भी समय से डिग्री नहीं मिल पाती. परीक्षा शाखा के अधिकारियों का कहना है कि अर्जेंट कैटेगरी के तहत जिन छात्रों को तुरंत डिग्री की जरूरत होती है, उन्हें कोशिश कर 15 दिनों में डिग्री दी जाती है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया में फाइलें तैयार करने, सत्यापन और हस्ताक्षर जैसे औपचारिकताओं में समय लगता है. जानकारों का मानना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि छात्रों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े. साथ ही परीक्षा शाखा के कार्यों को और अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाया जाये, जिससे डिग्री निर्गत की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सके. छात्रों की उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को डिग्री के लिए महीनों तक दर-दर न भटकना पड़े. क्या कहते हैं परीक्षा नियंत्रक इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक प्रो पार्थ प्रतीम दास ने बताया कि किसी आवेदक के जरूरी कागजात में कमी या त्रुटि होने के कारण डिग्री तैयार होने में देर हो सकती है. वैसे, प्रयास होता है कि आवेदन देने के बाद जांच प्रक्रिया पूरी होने व डिग्री प्रिंट होने तक अमूमन एक महीने का वक्त लग जाता है. अगर किसी को अर्जेंट होता है तब वे आवेदन के साथ उसका उल्लेख करने पर उन्हें जल्द से जल्द डिग्री उपलब्ध करायी जा रही है.

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