प्रखंड मुख्यालय परिसर में एकमात्र चापाकल का पानी पीने योग्य नहीं
Published by : VIKASH KUMAR Updated At : 22 Jan 2026 3:54 PM
प्रखंड मुख्यालय परिसर में मात्र एक चापाकल है, लेकिन उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है.
रामपुर प्रखंड मुख्यालय से लोग प्यासे लौटने को मजबूर रामपुर. प्रखंड मुख्यालय परिसर में मात्र एक चापाकल है, लेकिन उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है. क्षेत्र के लगभग एक सौ पांच गांव के ग्रामीणों सहित अपने काम से आये सैकड़ों लोग व दर्जनों कर्मी प्रतिदिन प्रखंड, अंचल व चकबंदी सहित अन्य कार्यालयों में पहुंचते हैं, लेकिन पानी के अभाव में प्यास बुझाने को तरस जाते हैं. आम जनता की इस गंभीर परेशानी पर सभी प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. आश्चर्य की बात यह है कि रामपुर प्रखंड मुख्यालय के ठीक सामने जलापूर्ति के लिए लगाये गये नल से प्रतिदिन लगातार पानी गिरता रहता है, लेकिन किसी भी अधिकारी, जनप्रतिनिधि व समाजसेवी नेतृत्वकर्ता का ध्यान इस व्यर्थ बहते पानी की ओर नहीं जाता है. प्रतिदिन हजारों लीटर पीने योग्य पानी बर्बाद होता रहता है. जब लोगों के प्रखंड मुख्यालय आने का समय होता है, उस समय जलापूर्ति से पानी की सप्लाइ बंद रहती है. जबकि जब लोगों के घर लौटने का समय होता है, तब लगभग तीन बजे जलापूर्ति से पीने का पानी मिलना शुरू होता है, जो बेकार में बहकर बर्बाद हो जाता है. कोई भी इसके संरक्षण की पहल नहीं करता और न ही इस ओर किसी का ध्यान जाता है. अगल-बगल की दुकानों वाले भी उक्त चापाकल के गंदे पानी का इस्तेमाल करते हैं, जो घातक बीमारियों का कारण बन सकता है. हैरानी की बात यह है कि प्रतिदिन प्रखंड अधिकारी व सभी कर्मी वहां आते हैं, लेकिन किसी की भी नजर पीने के पानी की समस्या पर नहीं पड़ती है. इस समस्या को लेकर जब गुरुवार को बीडीओ दृष्टि पाठक से संपर्क किया गया, तो उनके द्वारा पीएचइडी जेइ नीरज कुमार को निर्देशित करते हुए समस्या के समाधान के लिए कहा गया है.
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