Smart Meter में रुपये खत्म होने के बाद भी नहीं होगा घरों में अंधेरा, 72 घंटे तक मिलेगी बिजली

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Oct 2024 5:58 PM

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Smart Meter: बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए यह स्मार्ट मीटर कई मायनों में लाभकारी है. उन्हें बिजली बिल का मैसेज मोबाइल पर ही आ जायेगा और वे घर बैठे ही एक क्लिक से अपने बिल का भुगतान कर सकेंगे.

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Smart Meter,भभुआ नगर. लोगों के मन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर कई भ्रांतियां हैं. कोई कह रहा है कि इसकी वजह से बिल ज्यादा आ रहा है, तो कोई रिचार्ज खत्म होने पर रात में बिजली काट दिये जाने की बात कर रहा है, ऐसी कई गलतफहमियों को लेकर लोग परेशान हैं. जबकि, ऐसी कोई बात नहीं है, सरकार का यह कदम लोगों के हित में है इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना है. लोग अपने मन से यह भरम हटा लें कि उनकी बिजली रात में कट जायेगी. उपभोक्ताओं की कभी रात में बिजली नहीं कटेगी, न ही छुट्टी के दिन कटेगी, बल्कि बिजली कटने के बाद स्मार्ट मीटर में एक पुश बटन भी दिया गया है, जिसे 30 सेकंड तक दबाने के बाद 72 घंटे तक बिना रिचार्ज किये भी बिजली का उपयोग किया जा सकता है. हालांकि, 72 घंटे के अंदर उपभोक्ता बिजली रिचार्ज करा लेंगे व 72 घंटे के बाद रिचार्ज नहीं करने पर बिजली कट जायेगी. उक्त बातें जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में प्रीपेड मीटर को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं.

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उद्देश्य आम लोगों को लाभ पहुंचाना

जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य आम लोगों को लाभ पहुंचाना है, न कि उन्हें परेशान करना. साथ ही कहा कि स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिल नहीं आता है, आधी रात को बिजली नहीं काटी जा सकती है. अगर बिजली काटी भी जायेगी तो सुबह 10 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच ही काटी जायेगी. साथ ही कहा कि सरकार आम लोगों की सुविधा के लिए स्मार्ट मीटर लगा रही है, कई जगहों पर स्मार्ट मीटर लगाये भी गये हैं.

यहां तक की सरकारी दफ्तरों में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये गये हैं. साथ ही कहा कि लोगों को कुछ लोगों द्वारा भ्रमित किया जा रहा है, इसलिए किसी के बहकावे में नहीं आएं. स्मार्ट मीटर बिजली की खपत को नियंत्रित करने और लोगों की सुविधा के लिए लगायी जा रही है. उदाहरण स्वरूप जिला पदाधिकारी ने कहा कि लोगों में यह भ्रम है की प्रीपेड मीटर से अधिक पैसा देना पड़ेगा. लोग प्रतिदिन बिजली विभाग द्वारा दिये गये एप के माध्यम से जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं.

एडवांस में भी जमा कर सकते हैं पैसा

जिला पदाधिकारी ने कहा कि अगर किसी उपभोक्ता के पास पैसा है तो एक साथ एडवांस में भी पैसा जमा कर सकते हैं. बैंक में जितनी राशि ब्याज के रूप में 7 प्रतिशत दी जाती है, उतनी राशि बिजली विभाग भी देगी. साथ ही ऑनलाइन रिचार्ज करने पर एक प्रतिशत की छूट भी दी जाती है. कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर नि:शुल्क लगाया जाता है, हालांकि मीटर लगवाते समय उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करा लें. साथ ही जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्युत काटने से पहले उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पहली बार मीटर रिचार्ज करने पर मैसेज भी दी जाती है, साथ ही मीटर रिचार्ज नहीं होने पर भी उपभोक्ता दो दिनों तक बिजली का उपयोग कर सकते हैं. दो दिनों के बाद तीसरे दिन बिजली कटेगी. साथ ही बताया कि छुट्टी का दिन रहने पर उपभोक्ताओं की बिजली नहीं काटी जायेगी.

दरअसल, शहरी क्षेत्र के अलावा अब सभी गांवों में भी लोगों के मकानों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है. लेकिन, कई जगह मीटर लगाने जा रहे कर्मचारियों का ग्रामीणों द्वारा विरोध भी किया जा रहा हैं. कई जगहों पर ग्रामीण प्रीपेड मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं, इतना ही नहीं लगातार स्मार्ट मीटर नहीं लगाने को लेकर आमसभा व नुक्कड़ सभा की जा रही है, जिसके चलते लोगों में भ्रांतियां फैल गयी है, जिसे दूर करने के लिए जिला पदाधिकारी ने प्रेसवार्ता कर जिले के सभी लोगों से घरों में प्रीपेड मीटर लगाने के लिए अपील या है.

घर बैठे ही मोबाइल से उपभोक्ता कर सकते हैं रिचार्ज

प्रेसवार्ता के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए यह स्मार्ट मीटर कई मायनों में लाभकारी है. उन्हें बिजली बिल का मैसेज मोबाइल पर ही आ जायेगा और वे घर बैठे ही एक क्लिक से अपने बिल का भुगतान कर सकेंगे. यदि रात में किसी उपभोक्ता का बैलेंस समाप्त होता है, तो रात में किसी सूरत में उसकी बिजली नहीं कटेगी. बिजली किसी उपभोक्ता का अगले दिन के वर्किंग समय 10 से 2 बजे के बीच ही कटेगी. लेकिन भ्रांतिया फैला दी गयी है कि रात में ही बिजली कट हो जायेगी. साथ ही अधिकारियों ने कहा नि:शुल्क कनेक्शन के बाद बिहार विद्युत स्मार्ट मीटर एप प्ले स्टोर से लोड करवा दिया जायेगा.

बिजली की खपत की होगी सटीक निगरानी

यदि छह महीने तक स्मार्ट मीटर अकाउंट में दो हजार राशि बरकरार रहती है, तो उपभोक्ता को ब्याज दर का भी फायदा मिलेगा. स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रीपेड मीटर से बिजली की खपत की सटीक और वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी. इससे बिजली की बर्बादी को रोकने में काफी मदद मिलेगी. स्मार्ट मीटर से कभी भी बिजली की खपत का सही-सही हिसाब रखा जा सकेगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिलिंग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

स्मार्ट मीटर को रिमोट से रीड और कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे बिजली विभाग को मीटर रीडिंग के लिए घर-घर जाने की आवश्यकता नहीं होगी. यह उपभोक्ताओं और विभाग दोनों के लिए समय और संसाधन दोनों की बचत करेगा. स्मार्ट मीटर लगने से खपत और बिलिंग में पारदर्शिता आयेगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा और नियंत्रण प्राप्त होगा.

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सिक्योरिटी मनी के तौर पर नहीं ली जायेगी राशि

स्मार्ट मीटर सरकार की बहुत ही अच्छी पहल है, इसे हर व्यक्ति को अपने घर में बिजली आपूर्ति के लिए लगाना ही होगा. इसमें कोई भरम नहीं होनी चाहिए कि रात में यदि बैलेंस समाप्त हो जाता है तो बिजली कट जायेगी. साथ ही बताया गया कि रविवार और सरकारी छुट्टी के दिन भी बैलेंस नेगेटिव रहने पर भी बिजली नहीं कटेगी. इस व्यवस्था से बिजली चोरी, बिजली खपत, बिजली बचत समिति अन्य फायदे होंगे. सिक्योरिटी मनी के तौर पर भी उपभोक्ताओं से कोई राशि नहीं ली जायेगी. पूर्व में जो सिक्योरिटी राशि जमा है, उसे भी लौटा दिया जायेगा.

सभी विद्यालय व सरकारी कार्यालयों में लगेंगे प्रीपेड मीटर

जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि 15 नवंबर तक जिले के सभी सरकारी दफ्तर व विद्यालयों में प्रीपेड मीटर लग जायेगा. अभी तक अधिकतर विद्यालय व सरकारी कार्यालय में प्रीपेड मीटर लगा चुका है. साथ ही जिला पदाधिकारी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा की भभुआ शहर में 99 प्रतिशत लोगों के घरों में प्रीपेड मीटर लग चुका है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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