कैमूर में ऑनलाइन रजिस्ट्री की जानकारी के अभाव में थमी जमीन-मकान की खरीद-बिक्री, निबंधन कार्यालय में बढ़ी परेशानी

Updated:
विज्ञापन

कागजात की जांच करते निबंधन पदाधिकारी| Prabhat Khabar Network

कैमूर जिले में 3 अगस्त से लागू हुई ऑनलाइन और पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के कारण जमीन और मकान की खरीद-बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है. नई प्रक्रिया की जानकारी का अभाव, तकनीकी दिक्कतें और दस्तावेजों लेखकों को यूनिक आईडी न मिलने से खरीदार, विक्रेता और अधिवक्ता परेशान हैं.

विज्ञापन

Kaimur News: कैमूर जिले में तीन अगस्त से लागू हुई ऑनलाइन और पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के बाद जमीन और मकान की खरीद-बिक्री की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है. नई प्रक्रिया की सही जानकारी न होने, तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेज लेखकों (दस्ता नवीसों) को यूनिक आईडी न मिलने के कारण खरीदार, विक्रेता और अधिवक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं.

भभुआ और मोहनिया निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन लोगों की भीड़ तो पहुंच रही है, लेकिन स्लॉट बुकिंग, दस्तावेज अपलोड और ऑनलाइन सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में अधिकांश लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए यह नई पेपरलेस व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही है.

ऑनलाइन रजिस्ट्री में आ रही मुख्य दिक्कतें

  1. यूनिक आईडी (परमिट) का न मिलना: भभुआ और मोहनिया अनुमंडल के 50 दस्तावेज लेखकों तथा 37 अधिवक्ताओं (कुल 87) ने अपने कागजात निबंधन कार्यालय में जमा किए हैं, लेकिन अब तक उन्हें यूनिक आईडी जारी नहीं हुई है. इसके बिना वे ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस नहीं कर पा रहे हैं.
  2. सीओ रिपोर्ट की अनिवार्यता: नए नियमों के तहत रजिस्ट्री से पहले अंचल अधिकारी (CO) से 10 दिनों के भीतर जमीन की स्थिति की रिपोर्ट (सत्यापन) लेना अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रक्रिया में समय लग रहा है.
  3. डेटा मिसमैच की समस्या: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय खाता, खेसरा, चौहद्दी, जमाबंदी या पुराने रिकॉर्ड का ऑनलाइन डेटा से मिलान न होने पर आवेदन बीच में ही अटक जा रहे हैं.

हेल्प डेस्क और प्रशिक्षण की मांग

दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि हालांकि नई ऑनलाइन व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में एक सराहनीय कदम है, लेकिन शुरुआती दौर में आम नागरिकों और कर्मियों के लिए हेल्प डेस्क, तकनीकी सहायता केंद्र और जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है.

क्या कहते हैं जिला निबंधन पदाधिकारी: जिला निबंधन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया में आ रही शुरुआती तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं को तेजी से दूर किया जा रहा है. लोगों को नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जा रहा है और जल्द ही यूनिक आईडी जारी कर निबंधन कार्य को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा.

Also Read: कैमूर: अखिनी हत्याकांड का 24 घंटे में चार नामजद आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई तेज


विज्ञापन
Vikash Kumar

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन