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1962 नंबर पर फोन कर अब घर पर कराएं बीमार पशुओं का इलाज

Updated at : 08 Sep 2024 9:01 PM (IST)
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1962 नंबर पर फोन कर अब घर पर कराएं बीमार पशुओं का इलाज

कैमूर जिले के पांच प्रखंडों के पशुपालन विभाग में टोल फ्री एंबुलेंस सेवा बिहार सरकार के पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी है. इसके लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1962 जारी की गयी है,

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भगवानपुर. कैमूर जिले के पांच प्रखंडों के पशुपालन विभाग में टोल फ्री एंबुलेंस सेवा बिहार सरकार के पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी है. इसके लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1962 जारी की गयी है, उक्त टोल फ्री नंबर पर कोई भी पशुपालक अपने पालतू पशुओं का इलाज कराने के लिए कॉल कर सकते हैं. उक्त टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने के बाद जिस तरह से किसी भी तरह की गंभीर परिस्थिति से निबटने के लिए बिहार पुलिस की 112 नंबर डायल फ्री नंबर सेवा तथा मानव स्वास्थ्य से संबंधित आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये गये हेल्पलाइन नंबर 102 पर संपर्क साधने के बाद उपलब्ध होती है, ठीक उसी के तर्ज पर अब भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत बिहार सरकार के पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा 1962 हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक की गयी है. इस पर फोन करके संबंधित पशुपालक खुद के दरवाजे पर एमवीयू (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) यानी की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई को घर बैठे आमंत्रित कर अपने बीमार पड़े पालतू पशुओं का इलाज करा सकते हैं. सरकार के इस बेहद ही महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पशुपालक कल यानी 10 सितंबर से ले सकते हैं. इसके लिए स्थानीय जिले के भभुआ, दुर्गावती, चैनपुर, भगवानपुर तथा अधौरा प्रखंड के पशुपालन विभाग को आवश्यक दवाइयों व अन्य कई संबंधित उपकरणों के साथ-साथ एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध करा दी गयी है. साथ ही इसके लिए एंबुलेंस चालक के साथ एक-एक पशु चिकित्सक की भी ड्यूटी लगायी गयी है. दरअसल, बिहार सरकार पशु व मत्स्य संसाधन विभाग अंतर्गत पशुपालन निदेशालय पटना के निर्देशक सह कैमूर जिले के पूर्व जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भारतीय प्रशासनिक सेवा) ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें बिहार के सभी जिलों के साथ-साथ कैमूर जिले के जिला पशुपालन पदाधिकारी को भी सरकार द्वारा आवंटित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का संचालन करने के लिए निर्देशित किया गया है. विभाग द्वारा जारी किये गये पत्र में बताया गया है कि यदि किसी भी पशुपालक के पशुओं की तबीयत बिगड़ती है, तो संबंधित पशुपालक विभाग द्वारा जारी किये गये हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क कर अगले ही कुछ पलों में खुद के दरवाजे पर बीमार पड़े पशुओं की चिकित्सा का लाभ उठा सकते हैं. इसके ठीक एक दिन पूर्व यानी कि आज सोमवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने जिला मुख्यालय से उपरोक्त सभी पांच प्रखंडों के पशुपालन विभाग को प्राप्त हुई इस योजना काे हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे. नौ बजे से शाम पांच बजे उठा सकते हैं लाभ हालांकि, जानकारी के अनुसार फिलहाल जिला मुख्यालय विभाग को अब-तक कुल तीन ही एंबुलेंस आवंटित हैं, जबकि चयन के मुताबिक चिट्ठी में उपरोक्त कुल पांच प्रखंडों के नाम का जिक्र किया गया है. पशुपालन निदेशक नवदीप शुक्ला द्वारा जारी किये गये चिट्ठी में बताया गया है कि सामान्य स्थिति में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का सेवा उनके कार्य दिवस में यानी की साप्ताहिक संडे (रविवार) तथा साल में पड़ने वाली तमाम छुट्टियों को छोड़ कर पशुपालकों के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत इस तरह की सेवा प्रातः नौ बजे से शाम पांच बजे तक नियमित रूप से उपलब्ध करायी जायेगी. प्रत्येक दिन दो गांवों का करेगी मोबाइल वेटरनरी यूनिट साथ ही प्रखंड स्तरीय भ्रमणशील चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में मोबाइल वेटरनरी यूनिट (मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई) खुद के प्रत्येक कार्य दिवस में यानी की अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन अपने-अपने प्रखंड के दो गांवों का भ्रमण कर शिविर के माध्यम से पशुओं की उचित चिकित्सा तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी पशुपालकों को देगी व उसका प्रचार-प्रसार भी करेगी. उपकरणों का सुरक्षित रखरखाव का निर्देश विभाग से जारी किये गये पत्र के माध्यम से पशुपालन निदेशक नवदीप शुक्ला ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देशित किया है कि संबंधित सभी प्रखंड के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से जारी किये गये निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करेंगे. साथ ही आवंटित एंबुलेंस के साथ-साथ इकाई से संबंधित तमाम उपकरणों का सुरक्षित रखरखाव करेंगे. साथ-ही-साथ पत्र में पशुपालन निदेशक ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को यह निर्देश दिया है कि भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारियों के माध्यम से मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई को तैयार कराकर कल यानी की 10 सितंबर से संबंधित प्रखंड स्तरों पर आवंटित वाहनों (एंबुलेंसों) का परिचालन सुनिश्चित करें व पशुपालकों के दरवाजे तक पहुंचकर डोर स्टेप पशु चिकित्सा सेवा उन्हें उपलब्ध करायें. बोले पदाधिकारी– इस संबंध में पूछे जाने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि आज यानी सोमवार को 11 बजे जिलाधिकारी सावन कुमार इस योजना का उद्घाटन करेंगे. इससे पूर्व इस योजना का उद्घाटन प्रदेश की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों किया जायेगा. उन्होंने बताया कि फिलहाल कुल तीन एंबुलेंसों का आवंटन हमारे जिला स्तर के विभाग को हुआ है, जबकि चयन सूची में भगवानपुर, अधौरा, भभुआ, दुर्गावती तथा चैनपुर प्रखंड के पशुपालन विभाग का नाम दर्ज है. फिलहाल राज्य स्तर से आगे का दिशा निर्देश जारी नहीं हुआ है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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