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मनरेगा से होगी कोहिरा नदी कैनाल व नहर माइनरों की मरम्मत

जिले में पहली बार सोन उच्च स्तरीय नहर मुख्य केनाल और उसके वितरणियों से निकली माइनरों सहित कोहिरा नदी केनाल की भी मरम्मत मनरेगा से करायी जायेगी. इसे लेकर सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा विभाग को मरम्मत किये जाने वाले वितरणियों की माइनरों और नदी के केनाल की सूची उपलब्ध करा दी गयी है.

भभुआ. जिले में पहली बार सोन उच्च स्तरीय नहर मुख्य केनाल और उसके वितरणियों से निकली माइनरों सहित कोहिरा नदी केनाल की भी मरम्मत मनरेगा से करायी जायेगी. इसे लेकर सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा विभाग को मरम्मत किये जाने वाले वितरणियों की माइनरों और नदी के केनाल की सूची उपलब्ध करा दी गयी है. गौरतलब है कि खरीफ सीजन के पूर्व किसानों के खेत को निर्बाध रूप से पानी देने के लिएहर वर्ष जिले के सोन उच्च स्तरीय नहर केनाल और संबंधित वितरणियों की माइनरों की मरम्मत अब तक सिंचाई विभाग द्वारा स्वयं कराया जाता था. लेकिन, अब सरकार के निर्देश पर मनरेगा में मानव दिवस सृजन बढ़ाने को लेकर नहर और वितरणियों के माइनरों सहित नदियों के मरम्मत का काम भी मनरेगा के जिम्मे लगा दिया गया है. इधर, इस संबंध में जानकारी देते हुए सोन उच्च स्तरीय नहर केनाल के कार्यपालक अभियंता ने बताया खरीफ सीजन के लिए मुख्य नहर से लेकर वितरिणियों के लगभग तीन दर्जन से ऊपर माइनरों और कोहिरा नदी के लेफ्ट केनाल में मरम्मत का काम कराया जाना है. ताकि जगह जगह से टूटे तटबंधों को ठीक कराया जा सके और नहर के पेटी और बगलों में ऊगी झाड़ियों की सफाई हो सके. लेकिन, इस साल यह काम सिंचाई विभाग नहीं बल्कि मनरेगा से कराया जाना है. इसे लेकर मरम्मत वाली माइनरों की सूची मनरेगा विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है. मरम्मत वाली वितरणियों के माइनरों की सूची वितरणी माइनर अलिपुर बसंतपुर, बनौली, तिलोई, डेरवां, रामपुर, पिया, कझार करौंदा चमरियांव, चितारी, करवंदी, तरहनी करमा खजुरा, रूद्रवार, शिवपुर, मधुपुर, बहुअन, डिहरा, बश्लोट,मरिचांव कसेर पिहरा, परमालपुर, बल्लीपुर, रतवार, सिकठी लिंक केनाल बेतरी, नाती, जगरियां, सरेंवा सिरसी सिकंदरपुर माइनर मोकरी मलिक सराय माइनर मुख्य नहर कुरारी, बडकागांव, सोतारा, पहडियां, मोकरी-बेतरी इन्सेट 1 माइनरों की मरम्मत कराने में तकनीकी अड़चन भभुआ. नहर विभाग के माइनरों की मरम्मत कराने में मनरेगा के सामने तकनीकी अड़चन खड़ा हो गया है. इधर, इस संबंध में जब माइनरों की मरम्मत कार्य शुरू कराने को लेकर मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार से बात की गयी, तो उनका कहना था कि अभी माइनरों की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया जा सका है. काम शुरू करने में कुछ तकनीकी अड़चन सामने आ रहे हैं. जैसे माइनरों के पेटी की फाल की कटाई कहां कितने इंच या फीट में करनी है और कहां कहां तटबंधों की मिट्टी कमजोर पडती है, ये सब सिंचाई विभाग से समन्वय कर पता कर लिये जाने के बाद ही काम शुरू कराया जायेगा. इसे लेकर सिंचाई विभाग और मनरेगा के अभियंताओं द्वारा माइनरों के मिट्टी कटाई के स्लोप आदि का सर्वे कराया जा रहा है. इन्सेट 2 पटवन के अहम मौके पर टेल क्षेत्र तक नहीं मिल पाता पानी भभुआ. वैसे तो हर वर्ष खरीफ के सीजन के पूर्व सोन मुख्य नहर से लेकर माइनरों की मरम्मत विभागीय स्तर से करायी जाती रही है. बावजूद इसके किसानों को टेल तक पानी नहीं मिल पाता है. किसानों के अनुसार माइनरों की मरम्मत ठीक से नहीं करायी जाती है, न तो माइनर के पेटियों में ऊगी झाड़ियों की ही सफाई ठीक से होती है. इसके कारण जब भारी वर्षा होती है तो माइनरों के तटबंध टूट जाते हैं और जब पानी नहीं बरसता तो मुख्य नहर से छोडे जाने वाले कम पानी की मात्रा को माइनरों के पेटियों में ऊगी झाड़ियां आगे नहीं जाने देती है, जिससे टेल क्षेत्र के किसानों को पटवन के अहम मौके पर माइनरों का पानी नहीं मिल पाता है.

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