कैमूर के स्कूल में फिर बेहोश हुई दो छात्राएं, दहशत से लौटे बच्चे, एक हफ्ते बाद भी नहीं सामान्य हुई पढ़ाई

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फोटो.3. बेहोश हुई छात्राओं का | Prabhat Khabar Network

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कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड में छात्राओं के बेहोश होने की घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है. शिक्षकों के समझाने पर स्कूल लौटे बच्चों के रास्ते में फिर दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जिससे दहशत फैल गई. प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज किया है.

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Kaimur News : कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड स्थित लोहंदी करर विद्यालय में छात्राओं के बेहोश होने की घटनाओं के बाद पैदा हुआ भय अब भी खत्म नहीं हुआ है. सोमवार को शिक्षकों के समझाने पर कुछ बच्चे स्कूल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में दो छात्राओं के फिर बेहोश हो जाने से बाकी बच्चे भी डरकर घर लौट गए. घटना के बाद प्रशासन ने गांव में फिर से मेडिकल टीम भेजी और विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया.

शिक्षक गांव से बच्चों को लेकर निकले, रास्ते में फिर हुई घटना

सोमवार सुबह विद्यालय के शिक्षक गांव पहुंचे और अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया. काफी समझाने के बाद कुछ छात्र-छात्राएं शिक्षकों के साथ विद्यालय के लिए रवाना हुए. लेकिन स्कूल पहुंचने से पहले ही दो छात्राएं अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर गईं. घटना से बच्चों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद अन्य छात्र-छात्राएं भी भयभीत होकर वापस अपने-अपने घर लौट गए और विद्यालय फिर से खाली हो गया.

मेडिकल टीम ने दोनों छात्राओं को भेजा सदर अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड प्रशासन, मेडिकल टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची. बेहोश हुई दोनों छात्राओं को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, भभुआ भेजा गया. स्वास्थ्य विभाग ने उनकी जांच शुरू कर दी है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा है.

85 छात्र नामांकित, लेकिन एक सप्ताह से स्कूल में पसरा सन्नाटा

विद्यालय में कुल 85 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं. इससे पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंच रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग अभिभावकों से लगातार संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने की अपील कर रहा है.

प्रशासन ने तेज किया जागरूकता अभियान

जिला शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में कैंप लगाकर छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और अभिभावकों का विश्वास बहाल करने के लिए जागरूकता अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक माहौल जल्द सामान्य हो सके.

'भूत-प्रेत नहीं, कमजोरी और अफवाह है वजह' : बीडीओ

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की अलौकिक या रहस्यमयी वजह सामने नहीं आई है. उनके अनुसार छात्राओं की शारीरिक कमजोरी और घटना के बाद फैली अफवाहों के कारण बच्चों एवं अभिभावकों में भय का माहौल बना है. उन्होंने लोगों से ओझा-गुनी और अंधविश्वास से दूर रहने तथा किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की. साथ ही कहा कि प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे हैं तथा अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आग्रह किया है.


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Vikash Kumar

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