कैमूर में आवासीय छात्रावासों के सामान आपूर्ति टेंडर में गड़बड़ी, पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी पर प्रपत्र क गठित
समाहरणालय कैमूर
कैमूर के आवासीय छात्रावासों में सामग्री आपूर्ति के लिए निकाले गए टेंडर में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. इस मामले में पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी रत्नेश कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. एक जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर यह एक्शन लिया गया है.
Kaimur News: जिले के आवासीय छात्रावासों में विभिन्न सामग्री की आपूर्ति के लिए निकाले गये टेंडर में गड़बड़ी के आरोप में पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी रत्नेश कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है. जिला पदाधिकारी ने उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए अनुमोदन दिया है.
यह कार्रवाई उप विकास आयुक्त दिव्य शक्ति के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गयी है. रत्नेश कुमार सिंह का करीब दो महीने पहले तबादला हुआ है. उनके कार्यकाल में जिले के सभी आवासीय छात्रावासों में रोटी मेकर मशीन, बर्तन, बेड सहित अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल से टेंडर निकाला गया था.
निविदा पत्र छांटे जाने की हुई थी शिकायत
आवासीय छात्रावासों में सामग्री की आपूर्ति के लिए निकाली गयी निविदा में दीपक पड़ीवाल ने भी टेंडर डाला था. पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी रत्नेश कुमार सिंह द्वारा उनका निविदा पत्र छांट दिया गया था. इसके बाद उन्होंने इसकी लिखित शिकायत जिला पदाधिकारी से की थी. शिकायत मिलने के बाद जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त दिव्य शक्ति के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की. टीम को शिकायत में उठाये गये बिंदुओं के साथ टेंडर प्रक्रिया में अन्य गड़बड़ियों की भी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था.
क्रय समिति के अनुमोदन के बिना प्रकाशित हुआ टेंडर
जांच टीम ने जब निविदा की पूरी प्रक्रिया की जांच की तो कई अनियमितताएं सामने आयीं. जांच में पाया गया कि क्रय समिति के अनुमोदन के बिना ही निविदा का प्रकाशन कर दिया गया था. इसके अलावा बैंक गारंटी, ईएमडी और रिवर्स ऑक्शन से संबंधित प्रक्रिया की जांच में भी कई तरह की गड़बड़ियां उजागर हुईं. जांच टीम ने सामने आयी अनियमितताओं को बिंदुवार दर्ज करते हुए पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की.
शिकायतकर्ता जांच के दौरान नहीं हुआ उपस्थित
उप विकास आयुक्त दिव्य शक्ति ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जिन बिंदुओं को लेकर शिकायत की थी, वह जांच के दौरान उपस्थित नहीं हुआ था. हालांकि, निविदा प्रक्रिया के अन्य बिंदुओं की जांच में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आयीं. उन्होंने बताया कि जांच में सामने आयी अनियमितताओं की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए भेजी गयी थी. इसके आधार पर जिला पदाधिकारी ने प्रपत्र क गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है.
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