Fire News: इंजीनियरिंग कॉलेज में लगी आग, छात्रों तथा कॉलेज स्टाफ ने दिखाई बहादुरी
Fire News: एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि उन्हें इस घटना की जैसे हीं सूचना मिली वैसे हीं एसडीपीओ शिवशंकर कुमार के साथ तीन दमकल मशीनों तथा तीन फायर फाइटरों की टीम के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स को लेकर पहुंचे थें, ताकि किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके.
Fire News, कैमूर. शुक्रवार की दोपहर ढाई बजे जैतपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के एग्जाम डिपार्टमेंट हाल में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई. इस घटना में कॉलेज के करीब 5 लाख रुपए के आर्थिक नुकसान का आकलन किया गया. इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में अफ़रा-तफ़री का माहौल उत्पन्न हो गया, जबकि कॉलेज परिसर के गेट के बाहर सड़क पर सैकड़ों राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई. इस घटना की सूचना पर एसडीएम विजय कुमार व एसडीपीओ शिवशंकर कुमार दल-बल के साथ छोटे बड़े मिलाकर कुल तीन फायर ब्रिगेड वहां को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे, तबतक राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्रों तथा कॉलेज स्टाफ के मदद से आग को नियंत्रित कर लिया गया था. इस घटना में एक बड़ी प्रिंटर मशीन, कंप्यूटर का की बोर्ड, ट्यूबलाइट, एसी, कुर्सी-टेबल, एग्जाम देने वाले कॉपियों के बंडल समेत कई अन्य उपयोगी व महंगे उपकरण आगलगी के भेंट चढ़ गए, साथ हीं संबंधित हाल के दो खिड़कियों पर आग बुझाने के लिए पानी डालने पर गर्म-ठंडा पाकर उसके कांच भी टूट गए. जबकि उक्त हाल के सारे हिस्से आगलगी व उसके धुएं से पूरी तरह से काले हो गए.
45 मिनट के भीतर आग पर काबू
इस तरह से इस घटना में कुल करीब 5 लाख रुपए से अधिक के नुकसान होने की आशंका कॉलेज प्रशासन द्वारा जताई जा रही है. घटना के संबंध में पता चला है कि शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से हुई इस आग लगी की घटना तब हुई, जब कॉलेज का लंच टाइम चल रहा था. ऐसे में इस घटना की सर्वप्रथम जानकारी कॉलेज में ड्यूटी में तैनात किए गए सिक्योरिटी गार्डों को हुई, जो कि शोरगुल करना शुरू कर दिए. शोरगुल सुनने के बाद घटनास्थल पर कॉलेज के अलग-अलग बिल्डिंग से निकलकर छात्र आए, साथ-हीं-साथ कॉलेज के टीचिंग और सारे नॉन टीचिंग स्टाफ भी मौके पर जुट गए तथा फायर एक्सटिंग्विस्लर (आग बुझाने वाला यंत्र) तथा समरसीबल के पानी के माध्यम से आग नियंत्रण करने का कार्य आरंभ हो गया, और अगले 45 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया, उधर कॉलेज प्रशासन द्वारा इस घटना की सूचना जिला के आला अधिकारियों को भी दे दी गई थी. जिसको गंभीरतस लेते हुए एसडीएम विजय कुमार व एसडीपीओ शिवशंकर कुमार कुल तीन फायर फाइटर्स की टीम को लेकर पहुंचे, मगर इससे पहले हीं आगलगी को नियंत्रण में ले लिया गया था.

छात्रों ने किया सहयोग
आगलगी पर काबू पाने के लिए मुख्य रूप से जिन छात्रों व शिक्षकों ने अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनमें सेकंड ईयर के छात्र सुभाष दुबे व प्रभात कुमार, थर्ड ईयर के छात्र बादल मिश्रा, प्रिंस कुमार, राहुल कुमार सिंह, रिशू राज के साथ-साथ सिविल डिपार्टमेंट के प्रोफेसर साज अहमद तथा मनीष कुमार नाम शामिल हैं. इस घटना के बारे में उक्त छात्रों ने बताया कि बहुत सारे छात्र एसे थें, जो कि आग लगी से संबंधित एग्जाम हॉल के इर्द-गिर्द वाले कमरे में मौजूद थें, जिन्हें हम-सभी द्वारा उन्हें इस घटना की सूचना आनंद फागण में बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया गया. उक्त छात्रों के मुताबिक आग लगी पर काबू पाने के दौरान फर्श पर पसरे पानी में फिसल कर गिरने से कोई एक छात्र मामूली रूप से घायल भी हो गया है.
क्या बोले प्राचार्य
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य सुधीर कुमार ने बताया कि इस घटना में यदि सबसे महंगी कोई वस्तु जली है, तो वह हमारी बड़ी वाली प्रिंटिंग मशीन है। उन्होंने इस घटना में करीब 5 लाख रुपए से अधिक की क्षति होने की अनुमान लगाई है।
एसडीएम ने दिया बयान
एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि उन्हें इस घटना की जैसे हीं सूचना मिली वैसे हीं एसडीपीओ शिवशंकर कुमार के साथ तीन दमकल मशीनों तथा तीन फायर फाइटरों की टीम के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स को लेकर पहुंचे थें, ताकि किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके. मगर इससे पहले हीं कॉलेज प्रशासन तथा छात्रों के तत्परता से आगलगी पर काबू पा लिया गया था. उन्होंने बताया कि इस घटना में कॉलेज के काफी उपकरण जलकर राख हो गए हैं, हालांकि आर्थिक रुप से नुकसान के आंकड़े के बारे में कॉलेज प्रशासन हीं बता सकता है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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