भभुआ सदर. होली जैसे पर्व-त्योहार के समय क्षेत्र में मिठाई की मांग पांच गुणा तक बढ़ जाती है. ऐसे में जिला क्षेत्र में मिठाई बनाने की क्षमता जहां पहले से ही सीमित है. पर्व-त्योहार के मद्देनजर उसकी खपत में वृद्धि होने से क्षेत्र में अक्सर मिठाई की किल्लत हो जाती है, जिसका फायदा उठाते हुए कई मिष्ठान व्यवसायी क्षेत्र के बाजारों में बड़े पैमाने पर कृत्रिम व मिलावटी मिठाई की बिक्री कर मोटी कमाई करते हैं. मिठाई में मिलावट में कई तरह के तकनीकों के साथ ही उसमें कई हानिकारक पदार्थों का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे खुली आंखों से असली व मिलावटी मिलावटी मिठाई में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. इसके साथ ही मिलावटी मिठाई स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी है. जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कई मिष्ठान कारोबारियों द्वारा पाउडर से नकली मिठाई तैयार करने के साथ ही मिलावटी दूध में हानिकारक पदार्थों का भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए दूध में खोआ की मात्रा बढ़ाने के लिए स्टार्च व फैट के लिए डालडा मिलाये जाते हैं. दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमें पानी के साथ ही दूध का रंग असली की तरह दुधिया बनाने लिए उसमें यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मिलावटी व कृत्रिम दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसमें सर्फ और सोडा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने से उसे कई तरह की बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है. = बाजार में मिठाइयों की कभी-कभार ही होती है जांच पर्व-त्योहारों पर बाजार में बिकने आनेवाली मिलावटी दूध की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा ही जाती है. जबकि, बाजारों में खुले तौर पर बिकने वाले मिठाइयों की जांच नहीं होती है. इससे इस गोरखधंधे में शामिल लोग बेखौफ होकर बाजारों में मिलावटी व कृत्रिम मिठाई बेचने का धंधा कर रहे हैं. = मिलावट से शरीर में लीवर व किडनी को झटका मिलावटी दूध से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक डॉ अभिलाष चंद्रा ने बताया कि दूध में मिलावट के लिए उपयोग किये जाने वाले स्टार्च, सर्फ, सोडा व यूरिया स्वास्थ्य के लिए काफी घातक होता है. इस दूध का उपयोग मिठाई बनाने में किया जाता है, जिसके इस्तेमाल करनेवालों में खास कर लीवर की बीमारी, चर्म रोग व किडनी के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए इस वक्त बाजार में बिकनेवाली मिठाई की गुणवत्ता देख कर ही उसे खरीदना चाहिए.
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