भाजपा के उम्मीदवार बदलने का फैसला साबित हुआ गलत

Updated at : 06 Jun 2024 9:03 PM (IST)
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भाजपा के उम्मीदवार बदलने का फैसला साबित हुआ गलत

भाजपा ने इस बार बिहार में सिर्फ दो जीते हुए सांसदों का टिकट काटा था. जिन दो सांसदों का टिकट काटा गया था, उनमें सासाराम संसदीय सीट से जीत दर्ज करने वाले छेदी पासवान व बक्सर सीट से जीतने वाले अश्विनी चौबे थे.

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भभुआ कार्यालय. भाजपा ने इस बार बिहार में सिर्फ दो जीते हुए सांसदों का टिकट काटा था. जिन दो सांसदों का टिकट काटा गया था, उनमें सासाराम संसदीय सीट से जीत दर्ज करने वाले छेदी पासवान व बक्सर सीट से जीतने वाले अश्विनी चौबे थे. माना यह जा रहा था कि दोनों उम्मीदवारों का टिकट उम्र व उनके खिलाफ क्षेत्र में माहौल को देखते हुए भाजपा ने उनका टिकट काटा है. भाजपा नये उम्मीदवार उतार कर मतदाताओं की नाराजगी दूर कर सासाराम व बक्सर सीट को जीतना चाहती थी. टिकट काटने का आधार उम्र को लोग बहुत नहीं मान रहे हैं, क्योंकि इन दोनों उम्मीदवारों से अधिक उम्र के कई लोग बिहार में भाजपा के टिकट पर लड़े थे. पार्टी का शायद यह सोच था कि उक्त दोनों संसदीय सीट से उम्मीदवार बदलने के बाद लोगों की नाराजगी खत्म होगी और भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करेगी. इसीलिए भाजपा ने सासाराम संसदीय सीट से छेदी पासवान का टिकट काट कर सासाराम से ही तीन बार सांसद रहे मुनीलाल राम के बेटे शिवेश राम को अपना उम्मीदवार बनाया. वहीं, बक्सर से अश्विनी चौबे का टिकट काटकर मिथिलेश तिवारी को उम्मीदवार बनाया. लेकिन भाजपा का यह फैसला गलत साबित हुआ. बिहार में मात्र इन्हीं दो जगहों पर जीते हुए सांसद का टिकट काट कर उम्मीदवार बदला गया और दोनों ही सीट पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है. ऐसे में यह चर्चा दोनों संसदीय क्षेत्र में है कि शायद भाजपा टिकट नहीं बदलती, तो दोनों सीट पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत बिहार के अन्य क्षेत्रों की तरह हो सकती थी. – चुनाव से पहले तीन विधायकों ने पाला बदला और तीनों के विधानसभा में भाजपा की हुई हार चुनाव से ठीक पहले मोहनिया से राजद के टिकट पर चुनाव जीतने वाली संगीता कुमारी, भभुआ से राजद के टिकट पर ही चुनाव जीतने वाले भरत बिंद व चेनारी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले मुरारी गौतम ने पाला बदल कर भाजपा खेमे में चले गये. तीनों के पाला बदलने के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि तीनों जगहों पर भाजपा मजबूत हुई है. उक्त तीनों विधानसभा क्षेत्र सासाराम संसदीय क्षेत्र में आता है. लेकिन, जब चुनाव परिणाम आये, तो सासाराम संसदीय क्षेत्र के छह में से इन्हीं तीन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा. मोहनिया विस क्षेत्र में 22 हजार 14, भभुआ विस क्षेत्र में 4833 और चेनारी विस क्षेत्र में 1557 मतों से भाजपा की हार हुई है. वहीं, शेष तीन अन्य विधानसभा क्षेत्र चैनपुर, सासाराम व करहगर में भाजपा ने जीत दर्ज की है. उक्त परिणाम को देखकर ऐसा लग रहा है कि उक्त तीनों विधायकों के पाला बदलने के कारण आम मतदाताओं में नाराजगी है और वे भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होने के बजाय इस लोकसभा चुनाव में नुकसानदेय साबित हुए हैं.

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