भूकंप के झटके महसूस होते ही पहले खुद को करें सुरक्षित : राजीव

Published by : VIKASH KUMAR Updated At : 16 Jan 2026 4:22 PM

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शुक्रवार को प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मुजान में वर्ग नौ व 12वीं के छात्र-छात्राओं के बीच भूकंप से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

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मुजान उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भूकंप सुरक्षा पखवारे में छात्रों को दी गयी भूकंप से बचाव की विस्तृत जानकारी मोहनिया सदर. शुक्रवार को प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मुजान में वर्ग नौ व 12वीं के छात्र-छात्राओं के बीच भूकंप से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता को चार ग्रुप ए, बी, सी व डी में बांटकर कराया गया, जिसमें ग्रुप सी के छात्र-छात्राएं रिद्धि कुमारी, श्वेता, माया, प्रीति, प्रियंका व रितेश ने बाजी मारी. मालूम हो कि जिले में 15 से 29 जनवरी तक भूकंप सुरक्षा पखवारा मनाया जा रहा है. इस दौरान विद्यालयों में प्रखंड स्तरीय अधिकारी, पंचायतीराज जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावकों को भूकंप से संबंधित जानकारी दी जा रही है. इसी क्रम में शिक्षक राजीव कुमार ने उपस्थित लोगों को आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही सबसे पहले स्वयं को सुरक्षित करना चाहिए. यदि झटके तेज हों तो घर से बाहर भागने की कोशिश नहीं करें, बल्कि किसी मजबूत वस्तु जैसे चौकी, टेबल आदि के नीचे छिपकर अपनी जान बचाएं. यदि झटके कम हों तो खुले मैदान की ओर जाने का प्रयास करें. कमजोर दीवारों व दरवाजों से दूर रहें. उन्होंने कहा कि भूकंप एक बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है, इससे बचाव के लिए घरों को भूकंपरोधी बनवाना जरूरी है. भूकंप है एक प्राकृतिक त्रासदी छात्र-छात्राओं को भूकंप की वैज्ञानिक जानकारी देते हुए बताया गया कि धरती के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों के बीच अत्यधिक दबाव होने पर विशाल चट्टानें अचानक टूटकर खिसक जाती हैं, जिससे तेज कंपन उत्पन्न होता है. यही कंपन तरंगों के रूप में चारों दिशाओं में फैलता है और धरती की सतह को हिला देता है. विस्फोट जितना बड़ा होगा, भूकंप उतना ही अधिक भयावह होगा. एम 8 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप प्रलयंकारी होते हैं. उन्होंने बताया कि बिहार में वर्ष 1934 में आये एम 8.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही मची थी. भूकंप के दौरान गैस सिलिंडर तुरंत बंद कर देना चाहिए व बिजली का मेन स्विच ऑफ कर देना चाहिए. गिरने वाली वस्तुओं से सिर को बचाने का प्रयास करें. बिजली के पोल, घर व पेड़ों से दूर खुले मैदान में जाना सुरक्षित होता है. यदि कोई मलबे के नीचे फंस जाये तो माचिस की तीली नहीं जलाएं. धूल न उड़ाएं और ज्यादा हिलें-डुलें नहीं. मुंह को कपड़े से ढंककर रखें और किसी पाइप या दीवार को थपथपायें, ताकि बचाव दल तक संकेत पहुंचे. सिटी उपलब्ध हो तो बजाएं, अन्यथा जोर से आवाज लगाएं. भूकंप के झटके समाप्त होने पर घायलों की सहायता करते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाने की बात कही गयी. साथ ही यह भी बताया गया कि फायर ब्रिगेड, पुलिस व एंबुलेंस को तुरंत सूचना दें और बचाव कार्य में सहयोग करें. इस मौके पर प्रधानाचार्य विपिन कुमार गुप्ता, अमिताभ नारायण सुमन, रामविलास पासवान, रुबी यादव, शीला साव, रेखा, बिन्नी कुमारी, दीनदयाल पांडेय, सुनील कुमार हरिजन सहित कई शिक्षक व कर्मी उपस्थित रहे.

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