कन्हौली-शेरपुर 6-लेन सड़क का रास्ता साफ, मानसून के बाद शुरू होगा काम, जानें क्या है पूरा रूट मैप

Updated at : 19 Mar 2026 10:04 AM (IST)
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Bihar Road Project

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Road Project: राजधानी को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने वाली सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना 'शेरपुर-कन्हौली सिक्स लेन' अब हकीकत बनने जा रही है. दो साल से फंड के पेच में फंसी इस सड़क को हरी झंडी मिल गई है.

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Bihar Road Project: पटना रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क का निर्माण अब मानसून के बाद शुरू होने की उम्मीद है. फिलहाल यह प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में है और एजेंसी के चयन के बाद जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा.

एनएचएआई के मुताबिक सितंबर-अक्टूबर के बीच निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा.

टेंडर और जमीन अधिग्रहण के बाद शुरू होगा काम

इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है. मार्च के अंत तक एजेंसी चयन होने की संभावना है, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा. इसमें करीब एक से दो महीने का समय लगेगा. ऐसे में मानसून खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.

शेरपुर से कन्हौली के बीच करीब 9 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा. यह सड़क पटना रिंग रोड का अहम हिस्सा है, जो शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी.

777 करोड़ की लागत

इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 777.79 करोड़ रुपये आंकी गई है. केंद्र और राज्य सरकार इस खर्च को बराबर-बराबर वहन करेंगी. पहले फंडिंग को लेकर अड़चन थी, लेकिन अब सहमति बनने के बाद रास्ता साफ हो गया है.

कन्हौली के पास एक बड़ा जंक्शन बनाया जाएगा, जो कई प्रमुख सड़कों को जोड़ेगा. कन्हौली गोलंबर को जोड़ने के लिए करीब 1.5 किलोमीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा. इससे यातायात और ज्यादा सुगम होगा. यह सड़क पटना, सारण और वैशाली जिलों से होकर गुजरेगी। साथ ही शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से इसका कनेक्शन होगा. इससे आरा, बक्सर, गया और वैशाली की ओर जाने वाले रास्ते आसान हो जाएंगे.

जाम से मिलेगी बड़ी राहत

पटना रिंग रोड के बन जाने के बाद भारी वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे सीधे रिंग रोड का इस्तेमाल करेंगे, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी.

इस प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके पूरा होने के बाद पटना की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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