दो एकड़ में बनेगा बाल परवरिश संस्थान

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भभुआ सदर: कैमूर जिले में अब उन लावारिस बच्चों को अब अपने ही जिले में लालन-पालन की सुविधा जल्द ही मिलने जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा इस सार्थक प्रयास के लिए पहल शुरू कर दी गयी है और बाल परवरिश संस्थान के लिए समाज कल्याण विभाग को प्रस्ताव भी बना कर भेज दिया गया […]

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भभुआ सदर: कैमूर जिले में अब उन लावारिस बच्चों को अब अपने ही जिले में लालन-पालन की सुविधा जल्द ही मिलने जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा इस सार्थक प्रयास के लिए पहल शुरू कर दी गयी है और बाल परवरिश संस्थान के लिए समाज कल्याण विभाग को प्रस्ताव भी बना कर भेज दिया गया है. परवरिश योजना के तहत चैनपुर प्रखंड में बाल परवरिश संस्थान का निर्माण कराया जायेगा. इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा चैनपुर प्रखंड में दो एकड़ भूमि का चयन कर लिया गया है.

संस्थान के जल्द निर्माण हेतु जिलाधिकारी स्तर से सरकार को लिखा गया है. गौरतलब है कि परवरिश योजना के तहत अब तक जिले में पाये जानेवाले विभिन्न लावारिसों की देखभाल के लिए जिले में कोई संस्थान नहीं है. दिसंबर 2016 से पहले ऐसे सभी बच्चों को परवरिश के लिए चाइल्ड लाइन के माध्यम से गया भेज दिया जाता था. लेकिन, जिला प्रशासन की ही विशेष पहल पर दिसंबर 16 में मुख्यालय में एक विशिष्ट दत्तक संस्थान का संचालन किराये के मकान में आरंभ कराया गया.

यहां फिलहाल कुल चार बच्चों की परवरिश की जा रही है. साथ ही, इसमें रह रहे सभी बच्चों को फिलहाल एनजीओ के माध्यम से सरकार द्वारा दी जा रही सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है. समय-समय पर इन बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सीय सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है. इस संबंध में जिला बाल संरक्षण समिति कैमूर के सहायक निदेशक सह वरीय उप समाहर्ता केके उपाध्याय ने बताया कि जिले में पहला बाल परवरिश संस्थान बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है.

इसके तहत एक बाल गृह व पर्यवेक्षण गृह चैनपुर प्रखंड में खोला जायेगा. इसके लिए दो एकड़ सरकारी भूमि का चयन भी किया जा चुका है. साथ ही, जिलाधिकारी स्तर से देखरेख संस्थान के निर्माण हेतु अनुशंसा पत्र प्रधान सचिव, समाज कल्याण को भी भेजा जा चुका है. जिला प्रशासन द्वारा इस महती व्यवस्था के संबंध में अग्रेतर प्रयास भी जारी रखा गया है. ताकि, संस्थान का निर्माण जल्द से जल्द कराया जा सके.
बाल संरक्षण समिति का होगा गठन जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाल संरक्षण समिति का गठन करने का निर्देश जिलाधिकारी स्तर से दिया गया है. गौरतलब है कि बाल संरक्षण समिति द्वारा विभिन्न मौकों पर बैठक कर बच्चों को मिलनेवाली विभिन्न सुविधाओं की समीक्षा की जाती है. लेकिन, अगर सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो जिले में अब तक केवल चैनपुर, भभुआ, रामपुर व अधौरा प्रखंड में ही बाल संरक्षण समिति का गठन किया जा सका है. बताया जाता है कि गठन को लेकर डीएम द्वारा जिला बाल संरक्षण समिति के सहायक निदेशक को निर्देश जारी किया जा चुका है. इसमें कहा गया है कि सहायक निदेशक सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल गठन की कार्रवाई सुनिश्चित कराये. इस संबंध में सहायक निदेशक ने बताया कि शेष प्रखंडों में समिति का गठन जल्द ही कर लिया जायेगा.
बच्चों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
शहर में फिलहाल एक किराये के मकान में दत्तक ग्रहण स्थान चलाया जा रहा है. यहां इन बच्चों की विशेष परवरिश विशेषज्ञों के माध्यम से की जा रही है. फिलहाल गरमी के मौसम को देखते हुए बच्चों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश प्रशासन द्वारा दिया गया है. गौरतलब है कि आवासीत बच्चे अभी शहर के वार्ड संख्या 12 स्थित शिवशंकर मार्केट भवन के चौथे तल्ले पर बने आवास में रखे जा रहे हैं. लेकिन, बाल परवरिश बन जाने के बाद इन बच्चों को एक खुद का मकान मिल जायेगा, जहां इनकी परवरिश बेहतर ढंग से की जा सकेगी.
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