नोटिस देने पर भी नप को नहीं मिले 87 लाख रुपये

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भभुआ सदर : शहर में लगे 19 मोबाइल टावरों का बकाया 87 लाख रुपया नगर पर्षद को नहीं मिल रहा है. इसको लेकर नप अधिकारियों द्वारा कई बार मोबाइल कंपनियों को बकाया टैक्स जमा करने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है. बावजूद कंपनियों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है. गौरतलब है […]

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भभुआ सदर : शहर में लगे 19 मोबाइल टावरों का बकाया 87 लाख रुपया नगर पर्षद को नहीं मिल रहा है. इसको लेकर नप अधिकारियों द्वारा कई बार मोबाइल कंपनियों को बकाया टैक्स जमा करने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है. बावजूद कंपनियों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
गौरतलब है कि शहर के विभिन्न वार्डों में विभिन्न कंपनियों के 19 मोबाइल टावर गाड़े गये हैं. प्रत्येक मोबाइल टावर से सलाना आठ-आठ हजार रुपये होल्डिंग टैक्स के रूप में वसूल किये जाने हैं, लेकिन टावर गाड़े जाने के बाद से अब तक किसी भी कंपनी द्वारा बकाया होल्डिंग टैक्स जमा नहीं किया गया है.
वार्ड संख्या 15 में टाटा टेली सर्विसेज के टावर का 68 हजार, वार्ड संख्या पांच में आइडिया के टावर पर एक लाख 60 हजार, टाटा टेली इंफ्रो पर 92 हजार, वार्ड संख्या छह में आइडिया के टावर पर 95 हजार, एक्सल टेलीकॉम पर 68 हजार, वार्ड संख्या तीन में एयरसेल के टावर पर 33 हजार, वार्ड संख्या 25 में बीएसएनएल के एक टावर पर एक लाख, वार्ड संख्या 21 में बीएसएनएल के टावर पर एक लाख, वार्ड संख्या 12 में रिलायंस के टावर पर 70 हजार, वार्ड संख्या 21 में आइडिया के टावर पर एक लाख, ट्रांसेडइंफ्रास्ट्रक्चर के टावर पर एक लाख 59 हजार, वार्ड संख्या तीन में एयरसेल के टावर पर 33 हजार के अलावा वार्ड संख्या चार सहित अन्य वार्डों में तीन एयरटेल के टावरों पर लगभग दो लाख 80 हजार रुपये व वार्ड संख्या 25 में एयरसेल के मोबाइल टावर पर होल्डिंग टैक्स के रूप में 50 हजार रुपया बकाया है. इन मोबाइल कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों को नगर पर्षद ने कई बार नोटिस भेजा है, लेकिन उनके द्वारा टैक्स चुकाने पर ध्यान नहीं दिया गया है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
मोबाइल टावर से निकलनेवाली तरंगों से सिरदर्द, चक्कर, डिप्रेशन, दिमागी कमजोरी होती है. इसका शरीर पर घातक असर पड़ता है.
डॉ अनिल कुमार सिंह, सदर अस्पताल
क्या कहते हैं अधिकारी
नप के अधिकारी का कहना था कि मोबाइल कंपनियों को होल्डिंग टैक्स चुकाने को कहा गया है. नहीं चुकाने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
दीनानाथ िसंह, कार्यपालक पदाधिकारी
नियम विरुद्ध गाड़े गये हैं टावर
शहर में वैसे तो विभिन्न कंपनियों के 19 मोबाइल टावर गाड़े गये हैं, लेकिन सभी नियम विरुद्ध हैं. भले ही नगर पर्षद मोबाइल कंपनियों से टैक्स की उम्मीद रखता हो, लेकिन नियम विरुद्ध गाड़े गये इन टावरों व उक्त स्थान के भू-स्वामियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी, यह बताने से नप के अधिकारी कतराते हैं. गौरतलब है कि घनी आबादीवाले शहर में मोबाइल टावर लगाने पर सुप्रीम कोर्ट सहित सरकार ने भी सख्त रुख अपना रखा है. मोबाइल टावर से निकलनेवाली तरंगें लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक है.
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