सहयोग मांगने वाले कश्मीरी अचानक हो गये गायब, अब पुलिस छान रही खाक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Dec 2016 4:37 AM (IST)
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बीते 14 दिसंबर से मुसाफिरखाने में रुके थे कश्मीर से आये लोग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गयी कार्रवाई भभुआ : जम्मू-कश्मीर में सीमा पर भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़े हालात से आये दिन हो रही गोलीबारी एवं महीनों तक लगनेवाले कर्फ्यू से तंग आ कर कई कश्मीरी अपने परिवार के साथ 14 दिसंबर से […]
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- बीते 14 दिसंबर से मुसाफिरखाने में रुके थे कश्मीर से आये लोग
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गयी कार्रवाई
भभुआ : जम्मू-कश्मीर में सीमा पर भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़े हालात से आये दिन हो रही गोलीबारी एवं महीनों तक लगनेवाले कर्फ्यू से तंग आ कर कई कश्मीरी अपने परिवार के साथ 14 दिसंबर से बिहार के कैमूर जिले के भभुआ मुसाफिरखाना पहुंच रह रहे थे. वे कश्मीर में लगे कर्फ्यू व आये दिन होनेवाली गोलीबारी से तबाह हो चुके रोजी-रोजगार के बाद पेट की आग बुझाने और एक बार फिर वापस लौट कर अपना रोजगार शुरू करने के लिए वे लोगों से सहयोग मांगा और उनकी पीड़ा सुन कैमूर के लोगों ने यथा संभव उन्हें सहयोग भी किया, मगर अब उनका कहीं अता-पता नहीं है. अब उन कश्मीरियों के जाने के बाद मुसाफिरखाना के केयरटेकर से उनका पहचान पत्र मांग रही है.
दरअसल, 14 दिसंबर को जम्मु-कश्मीर के बारामुला सहित आसपास के क्षेत्र के तीन कश्मीरी पुरुष, दो महिलाएं एवं छह बच्चे स्टेडियम गेट स्थित मुसाफिरखाना में पहुंचे और वहां के केयर टेकर मोफिज खां को बताया कि जम्मु-कश्मीर में हालात काफी खराब हैं. वहां हमलोगों का रोजी-रोजगार आये दिन होनेवाले गोलीबारी एवं कर्फ्यू के कारण तबाह हो चुका है. ऐसे में रोजी-रोटी की तलाश एवं एक बार फिर अपने रोजगार को खड़ा करने के लिए यहां के लोगों से सहयोग मांगने हम आये हुए हैं.
लोगों से नकदी और कपड़े लेकर गायब हो गये कश्मीरी
14 दिसंबर से 18 दिसंबर की शाम तक उक्त मुसाफिरखाना में रह कर शहर में विभिन्न जगहों पर जा कर लोगों से सहयोग के रूप में पैसे, कपड़े मांगे. लोगों ने भी उनकी पीड़ा सुन यथा संभव उनकी मदद की और 18 दिसंबर की शाम वे सभी केयर टेकर मोफिज खां से यह कह कर वापस चल गये कि हमलोग बनारस जा रहे हैं. हमारी तरह बड़ी संख्या में लोग बनारस में जम्मु-कश्मीर की स्थिति से तंग आ कर रह रहे हैं और बनारस के आसपास के शहरों में जा कर लोगों से सहयोग मांग एक बार फिर अपने रोजी-रोजगार को खड़ा करने एवं परिवार के जीविकोपार्जन में लगे हैं.
मुसाफिरखाने में कश्मीरियों से पहले ही लिये गये थे पहचान पत्र
केयर टेकर मोफिज खां ने मुसाफिर खाना में जगह देने से पहले उनसभी लोगों का आधार कार्ड एवं वोटर कार्ड की फोटो कॉपी अपने पास जमा कराया था. जब इसकी सूचना कैमूर एसपी हरप्रीत कौर को मिली तो उन्होंने उनलोगों की जांच के लिए स्थानीय भभुआ थाना की पुलिस को मुसाफिरखाने भेजा और उन्होंने निर्देश दिया कि वे लोगों की विस्तृत जानकारी हासिल करें वे कहां के रहनेवाले हैं, किस काम से आये हैं, कितने दिनों से आये हैं और उनके साथ कितने लोग आये हुए हैं. इसकी पूरी पड़ताल कर रिपोर्ट सौंपे.
अचानक हो गये गायब
हालांकि, जब पुलिस मुसाफिरखाने जांच के लिए पहुंची तो वहां के केयर टेकर द्वारा बताया गया कि वे सभी 18 की शाम लगभग पांच बजे वापस बनारस लौट चुके हैं. जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी शाहिद असलम व विजय कुमार ने केयर टेकर से कश्मीर से आये हुए लोगों के विषय में विस्तृत जानकारी ली. केयर टेकर मोफिज खां द्वारा आये हुए कश्मीरी तीनों पुरुषों के आधार कार्ड एवं वोटर आईडी का फोटो कॉपी पुलिस को उपलब्ध कराया. जो परिचय पत्र पुलिस को उपलब्ध कराये गये हैं उसमें उक्त तीनों पुरुषों के नाम मंजुर अहमद शाह, मोहम्मद महबूब शाह एवं मंसूर अहमद शाह है. उक्त् तीनों व्यक्ति के परिचय पत्र पर पता जम्मु कश्मीर के बारामुला एवं आसपास के क्षेत्र का दर्ज है.
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