जुआरियों व गंदगी का अड्डा बना पशु अस्पताल

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भभुआ(ग्रामीण) : भभुआ में स्थित जिला पशु अस्पताल करीब दो एकड़ भू-भाग मे फैला है. लेकिन, इस अस्पताल की स्थिति कुछ ऐसी है कि लोग इस रास्ते से जाने से भी कतराते है. पहली बात तो अस्पताल की चहारदिवारी नही है. इस कारण जो जिधर से चाहे आ-जा सकता है. पूरे मुहल्ले का गंदा पानी […]

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भभुआ(ग्रामीण) : भभुआ में स्थित जिला पशु अस्पताल करीब दो एकड़ भू-भाग मे फैला है. लेकिन, इस अस्पताल की स्थिति कुछ ऐसी है कि लोग इस रास्ते से जाने से भी कतराते है. पहली बात तो अस्पताल की चहारदिवारी नही है. इस कारण जो जिधर से चाहे आ-जा सकता है. पूरे मुहल्ले का गंदा पानी बह कर पशु अस्पताल में ही जमा होता है. इस कारण वहां की स्थिति नारकीय बनी हुई है. गौरतलब है कि जिला पशु अस्पताल जहां पशुओं की बीमारी का इलाज होना चाहिए, वहां अगल-बगल के लोग अपने पशुओं को बांधते हैं और पूरे मुहल्ले के लोग अपने घरों का कूड़ा वहीं पर फेंकते हैं.पशु अस्पताल जहां पशुओं का इलाज होना चाहिए वह जुआरियों के का अड्डा बना हुआ है.
हालांकि इतनी गंदगी वहां बनी रहती है कि आम लोगो का आना जाना कम होता है और प्रशासनकी नजर भी वहां कम ही पहुंच पाती है. इस कारण जुआरियों के लिए सेफ जोन बना हुआ है. पुराने भवन में स्थानीय लोगों द्वारा अपना उपला(गोइठा) भी वहीं पर रखा जाता है, जिस पर न तो पशुपालन विभाग के पदाधिकारियों की ही नजर पड़ती है और न ही प्रशासन की.
भभुआ का पशु अस्पताल लगभग दो एकड़ में फैला हुआ है, लेकिन अगल-बगल में इतनी गंदगी है कि लोग यहां से आसानी से पार नहीं कर पाते है. परिसर में अगल-बगल अपने मवेशी बांधते हैं, तो जुआरी दिन भर जुआ खेलते के लिए इसे सुरक्षित जोन मानते हैं. महादलित बस्ती का पानी इसी परिसर में गिरता है. इससे इतनी दुर्गंध फैलती है कि लोग परेशान हो जाते हैं. जिला पशुपालन पदाधिकारी पदाधिकारी यहां की व्यवस्था को ठीक-ठाक करने के लिए नगर पर्षद से लेकर जिलाधिकारी तक का चक्कर लगा चुके हैं.
बगल से गुजरना मुश्किल
कहने को तो जिले का पशु अस्पताल है, लेकिन स्थिति यह है कि उस रास्ते से अगर गुजरना हो तो सामान्य रूप से नहीं गुजरा जा सकता. एक तरफ अस्पताल के पीछे कूड़े करकट का अंबार, तो अस्पताल के सामने महादलित बस्ती का गंदा पानी जमा होता है. वहां से गुजरनेवालों को इतनी परेशानी होती है कि लोग नाक पर रूमाल रख कर ही आते-जाते हैं. चाहे बरसात का महीना हो या गरमी का, कभी भी वहां जलजमाव देखने को मिल सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पशुपालन पदाधिकारी अनूप कुमार राय ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से लेकर नगर पर्षद अध्यक्ष व कार्यपालक पदाधिकारी को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन कहीं से भी इस दिशा मे कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी है. इस संबंध में पुन: जिलाधिकारी को अवगत कराया जायेगा.
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