जमीन के अभाव में अब तक नहीं बन सकी 17 स्कूलों की बिल्डिंग

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कहीं पेड़ों के नीचे, तो कई जगहों पर शिफ्ट के जरिये चलाये जा रहे स्कूल भभुआ (नगर) : राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए रोज नये प्रयास कर रही है, लेकिन मौजूदा संसाधनों को धरातल पर उतारने के लिए किया जा रहा प्रयास कई जगहों पर असफल होता दिखाई पड़ रहा है. स्कूलों […]

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कहीं पेड़ों के नीचे, तो कई जगहों पर शिफ्ट के जरिये चलाये जा रहे स्कूल
भभुआ (नगर) : राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए रोज नये प्रयास कर रही है, लेकिन मौजूदा संसाधनों को धरातल पर उतारने के लिए किया जा रहा प्रयास कई जगहों पर असफल होता दिखाई पड़ रहा है. स्कूलों के सफल संचालन के लिए मुलभूत सुविधाओं के नहीं होने के कारण विभाग द्वारा किये जा रहे दावे फेल होते जा रहे हैं. इससे विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है. जिले के 17 प्राथमिक विद्यालयों को अपना भवन नसीब नहीं हो सका है.
विद्यालय भवन नहीं होने के कारण ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को या तो दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर पढ़ाया जा रहा है या बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ने को विवश होना पड़ता है. शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के लगभग आधा दर्जन प्रखंड क्षेत्रों में बीते कई वर्षों में प्राथमिक विद्यालय को खोल तो दिया गया और विद्यालयों में पढ़ाई भी शुरू कर दी गयी, लेकिन शिक्षा विभाग अब तक भवन उपलब्ध नहीं करा सका. अधिकारियों का कहना है कि भूमि की उपलब्धता नहीं होने के कारण विद्यालय भवन नहीं बन पा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, कई ऐसे भी विद्यालय हैं जहां की भूमि अतिक्रमण का शिकार है. इसकी वजह से अब तक विद्यालय के भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है.
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीओ सर्व शिक्षा देवबिंद कुमार ने बताया कि सभी प्रखंडों के बीइओ को सीओ से समन्वय स्थापित कर भवनहीन विद्यालयों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया जा चुका है.
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