जिले में दो दिनों में हुई 48 एमएम बारिश, किसान खुश

Updated at : 09 Jul 2019 6:26 AM (IST)
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जिले में दो दिनों में हुई 48 एमएम बारिश, किसान खुश

भभुआ : पिछले दो दिनों में जिले में हो रही अच्छी बरसात के बाद अब रोपनी गाड़ी आगे सरकनी शुरू हो गयी है. किसानों ने खेतों में मोर्चा सम्हाल लिया है और रोपनी की तैयारी में जुट गये हैं. जिले में दो दिनों से हो रही बारिश के बाद लगभग 48 एमएम वर्षा रिकॉर्ड किया […]

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भभुआ : पिछले दो दिनों में जिले में हो रही अच्छी बरसात के बाद अब रोपनी गाड़ी आगे सरकनी शुरू हो गयी है. किसानों ने खेतों में मोर्चा सम्हाल लिया है और रोपनी की तैयारी में जुट गये हैं. जिले में दो दिनों से हो रही बारिश के बाद लगभग 48 एमएम वर्षा रिकॉर्ड किया गया है. बरसात के अभाव में जिले में लगभग थम चुकी धान की रोपनी का कार्य अब धीरे-धीरे आगे की ओर सरकने लगा है.

गौरतलब है कि रविवार तक जिले में धान के रोपनी का प्रतिशत तीन और चार के बीच बताया जा रहा था. अधिकांश प्रखंडों में पानी के आभाव में किसान धान की रोपनी नहीं कर पा रहे थे. जबकि रोहिणी नक्षत्र में डाले गये बीज रोपने के लिए लगभग तैयार हो चुके थे. लेकिन, रविवार और सोमवार को मॉनसूनी बादलों के मुंह खुलने के बाद लगातार वर्षा की झड़ी लगी हुई है.
रात्रि के साथ दिन में भी अच्छी बरसात हो रही है. कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार रविवार को लगभग 12 एमएम और सोमवार को लगभग 36 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गयी. सबसे अधिक बारिश अधौरा और भभुआ प्रखंड में तथा सबसे कम बारिश रामगढ़ प्रखंड में बतायी जा रही थी. इधर बरसात के रौ में आने के साथ किसानों ने भी खेतों में मोर्चा सम्हाल लिया है.
किसानों में दिखी चमक मोहनिया शहर. रविवार से शुरू हुई झमाझम बारिश के बाद सोमवार को खेत में पानी भरे देख किसानों के चहरे खिल उठे और धान के रोपनी कार्य में जुट गये है. मालूम हो कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हो रहा था. जिससे धान के बिचड़ा भी पिला होने लगे थे.
बारिश के पानी से तालाब बना मध्य विद्यालय का परिसर
कुदरा : प्रखंड मुख्यालय स्थित अाजादी के पूर्व का स्थापित जहानाबाद मध्य विद्यालय जलजमाव का दंश झेल रहा है. जलजलाव के कारण पुराने जर्जर व पुराने भवन गिरने के कगार पर पहुंच गया है जिससे किसी बड़े हादसा होने की आशंका से शिक्षक, छात्र-छात्रा भयभीत हैं.
आलम यह है कि एनएच दो के किनारे स्थित मध्य विद्यालय चहारदीवारी विहीन है. बारिश होने पर सड़क का पानी विद्यालय परिसर में आकर तालाब का रूप ले लेता है. वहीं जर्जर भवन के कक्ष में पानी भर जाता है. पानी भरने के कारण जर्जर भवन का ध्वस्त होने का कयास लगाया जा रहा है. जर्जर भवन के खतरे से शिक्षक छात्र डरे व सहमे हुए हैं.
वहीं विद्यालय परिसर में पानी का जमाव होने के कारण छात्रों शिक्षकों को काफी परेशानी आने जाने में होती है. विभागीय उपेक्षा के कारण जिले पुराना जहानाबाद विद्यालय इन दिनों बारिश में तालाब बना हुआ है. मिट्टी भराई नहीं किये जाने से विद्यालय में इस तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है. विद्यालय में जलजमाव के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
अक्सर बच्चे जलजमाव देख विद्यालय आने से कतराने लगे हैं. इस संबंध में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्षा होने पर सड़क का पानी विद्यालय परिसर में भर जाता है. वहीं पुराने व जर्जर भवन के गिरने का डर बना रहता है. वहीं उक्त समस्या पर वरीय अधिकारी को अवगत कराया जायेगा.
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