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बिना टैक्स चुकाये ही शहर में फल फूल रहा प्रोपर्टी डीलिंग का धंधा

Updated at : 23 Apr 2019 7:36 AM (IST)
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बिना टैक्स चुकाये ही शहर में फल फूल रहा प्रोपर्टी डीलिंग का धंधा

भभुआ सदर : कैमूर जैसे छोटे जिले में भी अब प्रोपर्टी डीलिंग का धंधा काफी तेजी से फलने फूलने लगा है. जिले में भी भू-माफियाओं की कमी नहीं रही और जमीन के कारोबार में दर्जनों लोग जुड़ कर कमाई तो कर रहे हैं. लेकिन, इस कमाई में सरकार को टैक्स कोई नहीं दे रहा है. […]

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भभुआ सदर : कैमूर जैसे छोटे जिले में भी अब प्रोपर्टी डीलिंग का धंधा काफी तेजी से फलने फूलने लगा है. जिले में भी भू-माफियाओं की कमी नहीं रही और जमीन के कारोबार में दर्जनों लोग जुड़ कर कमाई तो कर रहे हैं. लेकिन, इस कमाई में सरकार को टैक्स कोई नहीं दे रहा है. इससे राजस्व की क्षति तो हो ही रही है.

ऐसे लोग जमीन संबंधित आपराधिक घटनाओं में भी किसी न किसी रूप से जवाबदार होते हैं और इनके द्वारा अनाप-शनाप कागज दिखा कर भी जमीन को बेच दिया जाता है. इसके कारण होता यह है कि मारपीट से लेकर मुकदमा होना आम बात हो जाती है.
यहां तक कि विवाद होने से जान गंवाने का भय भी बना रहता है. वैसे भी शनिवार को थाने में लगनेवाले सीओ और थानाध्यक्ष के जनता दरबार में अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जब जमीन का क्रेता प्रोपर्टी डीलर के चक्कर में फंस कर विवादित भूमि का क्रय कर लेता है और फिर खून पसीने से खरीदी गयी दो गज जमीन के लिए पुलिस, कचहरी और जनता दरबार का चक्कर लगाता रहता है.
वैसे, देखे तो कैमूर में खास कर भभुआ व मोहनिया, कुदरा और यूपी से सटे दुर्गावती और कर्मनाशा जैसे जगहों पर दर्जनों लोग जमीन की खरीद-बिक्री का कारोबार कर रहे हैं. लेकिन, सरकारी कागज में एक भी लाइसेंसी प्रॉपर्टी डीलर नहीं है.
जिला निबंधन कार्यालय की मानें तो से ऐसे लोग अवैध रूप से धंधा करते हैं. इस पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार नये कानून को जल्द सभी जिलों में लागू करने जा रही है. इसके तहत ऐसे लोगों को चिह्नित करना सहज हो जायेगा और अवैध रूप से काम करने वालों पर कार्रवाई करना भी सहज हो जायेगी.
भभुआ-मोहनिया में जमीन की कीमत तय कर मालामाल हो रहे ब्रोकर : कैमूर जिले की जो भगौलिक बनावट है, उसमें वाराणसी जैसे शहर के नजदीक होने के चलते जमीन की खरीद फरोख्त करनेवाले प्रोपर्टी डीलर या ब्रोकर मालामाल हो रहे हैं. लेकिन, बिहार सरकार को इन लोगों से किसी तरह का टैक्स नहीं मिल रहा है.
जमीन की कीमत तय कर दलाल बढ़ा रहे दाम
पिछड़े क्षेत्र में शामिल कैमूर जिले में सरकारी रेट को छोड़ दें तो अभी भी भभुआ, मोहनिया, दुर्गावती, कुदरा जैसे शहर का रूप ले रहे जगहों में जमीन की कीमत ब्रोकर यानी दलाल लोग ही तय कर रहे हैं. इसके कारण कुछ लोग ठगे भी जा रहे हैं और जमीन का भाव भी आसमान छूने लगा है.
इस धंधे में तो यह भी लोग आरोप लगाते हैं कि कुछ जालसाज डीलर अनाप-शनाप कागज दिखा कर भी जमीन को बेचने का काम प्रोपर्टी डीलिंग के तहत कर रहे हैं.
वैसे भी भभुआ व मोहनिया के मुख्य रास्तों व सड़को के आसपास जमीन इन दलालों के चलते खरीदना अब आम आदमी के बस का नहीं रह गया है. जानकार बताते हैं कि इन जगहों पर जमीन की कीमत पांच लाख प्रति डिसमिल से शुरू ही होती है.
ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
बिहार के भूमि संरक्षण कानून के तहत बिना लाइसेंस लेकर जमीन की खरीद-बिक्री करना अवैध माना जाता है. ऐसे लोग कानूनी रूप से गलत होते हैं. ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई किये जाने का भी प्रावधान है.
लेकिन, अब इसके लिए जिला निबंधन विभाग तैयारी कर रहा है. बिना लाइसेंस लेकर काम करने वाले सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं. पहले लाइसेंस लेने के लिए पटना में आवेदन करना पड़ता था.
विभागीय सूत्रों की माने तो जिला स्तर पर इसके लिए अभी आदेश नहीं आया है. इस तरह का अगर आदेश आता है तो विभाग इस पर कड़ाई से पालन करायेगा. विभाग के अधिकारी भी कहते हैं कि लोग जब कमाई कर रहे हैं तो नियम के अनुसार करें.
बिना लाइसेंस जमीन की खरीद-बिक्री करना गैर कानूनी है. ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी विभागीय स्तर से की जा रही है. विभाग का आदेश आने के बाद ऐसे लोगों को कानूनी दायरे में लाते हुए कार्रवाई की जायेगी.
सत्यदेव पांडेय, जिला निबंधन पदाधिकारी
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