शहर में रंगदारी के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गये हैं स्कूल व कोचिंग चलानेवाले

Updated at : 29 Aug 2018 4:50 AM (IST)
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शहर में रंगदारी के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गये हैं स्कूल व कोचिंग चलानेवाले

स्कूल व कोचिंग चलानेवालों से लगातार मांगी जा रही है रंगदारी भभुआ कार्यालय : भभुआ शहर में रंगदारी के लिए कोचिंग संचालक हाल के दिनों में गुंडे बदमाशों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गये हैं. एक तरफ उनके अंदर से पुलिस व कानून का भय जहां समाप्त हो गया है. वहीं, दूसरी तरफ आये दिन […]

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स्कूल व कोचिंग चलानेवालों से लगातार मांगी जा रही है रंगदारी

भभुआ कार्यालय : भभुआ शहर में रंगदारी के लिए कोचिंग संचालक हाल के दिनों में गुंडे बदमाशों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गये हैं. एक तरफ उनके अंदर से पुलिस व कानून का भय जहां समाप्त हो गया है. वहीं, दूसरी तरफ आये दिन स्कूल व कोचिंग चलानेवालों से रंगदारी की मांग कर रहे हैं और जिस तरह से मोबाइल पर फोन कर अपना नाम बता मुन्ना यादव ने ई स्कॉयर सी स्कॉयर के संचालक मनोज श्रीवास्तव से बेखौफ होकर पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की और तीन दिनों में नहीं देने पर बाल-बच्चों को अनाथ बना देने की धमकी दी. इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि भभुआ में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं.
गौर करनेवाली बात यह है कि कोचिंग संचालक मनोज श्रीवास्तव से रंगदारी मांगनेवाला मुन्ना यादव कोई पहली बार उक्त कोचिंग संचालक से रंगदारी की मांग नहीं की है. बल्कि, पहली बार मैसेज देकर रंगदारी मांगी, नहीं देने पर गोलियां बरसायीं. बाल-बाल बचे मनोज श्रीवास्तव को तत्कालीन एसपी हरप्रीत कौर ने सुरक्षा देते हुए 15 दिनों के अंदर मुन्ना यादव व उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन, जेल से छूटने के बाद मुन्ना यादव के अंदर उक्त पुलिसिया कार्रवाई का थोड़ा भी डर नहीं दिख रहा है. कानून और पुलिस को बौना बताते हुए मुन्ना यादव बेखौफ होकर एक बार फिर उसी कोचिंग संचालक से पांच लाख की रंगदारी मांगता है और इस बार सख्त लहजे में यह भी धमकाता है कि पिछली बार तो बच गये थे, लेकिन अगर इस बार पांच लाख रंगदारी नहीं दी तो नहीं बचोगे. भभुआ में देखे तो पुलिस को इस तरह से खुली चुनौती इसके पहले शायद ही किसी अपराधी ने दी होगी. खास बात यह कि रंगदारी मांगे जाने के तीन दिन बीत गये हैं. लेकिन, अभी तक मुन्ना यादव पुलिस के पकड़ से बाहर है.
कई कोचिंग व स्कूल वाले रंगदारी भी देते और भय से शिकायत भी नहीं करते : लगभग छह महीने पहले जब एसपी ने शहर के कोचिंग व स्कूल संचालकों के साथ बैठक की थी, तो एसपी द्वारा विश्वास में लिये जाने के बाद कई लोगों ने बताया था कि वे गुंडे बदमाशों के डर से रंगदारी देते रहे हैं. उन्हें पुलिसिया कार्रवाई पर भरोसा नहीं होने की बात उस बैठक में कही थी. इसके बाद एसपी ने रंगदारों पर कठोर कार्रवाई की बात कही थी. लेकिन, मनोज श्रीवास्तव से जिस तरह अपराधियों ने पुलिसिया कार्रवाई को धत्ता बता कर रंगदारी की मांग की है. वह यह बताने के लिए काफी है कि अपराधियों के अंदर पुलिस का भय नहीं के बराबर है. अगर पुलिस भभुआ में रंगदारी के इस नये फल फूल रहे अपराध को तत्काल नहीं रौंदती है तो यह शहरवासियों के लिए साथ-साथ पुलिस के लिए भी एक बड़ा सिरदर्द बन जायेगा. वहीं तीसरी बार कोचिंग संचालक मनोज श्रीवास्तव से रंगदारी मांग गुंडों ने पुलिस को सोचने पर विवश कर दिया है.
रंगदारी मांगने के तीन दिन बाद भी आरोपित की नहीं हुई गिरफ्तारी
बोले एसडीपीओ
इस संबंध में एसडीपीओ अजय प्रसाद ने बताया कि उक्त कोचिंग संचालक के घर सुरक्षा के लिए एक हवलदार व चार पुलिस के जवान तैनात कर दिये गये हैं. वहीं, बॉडीगार्ड भी उपलब्ध कराने के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है. वहीं, दूसरी तरफ मुन्ना यादव की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है.
रंगदारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
दो पहले के इतिहास को देखें तो भभुआ शहर में रंगदारी नामक अपराध ना के बराबर था. लेकिन, हाल के दिनों में रंगदारी मांगने का यह अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और इसके निशाने पर सबसे ज्यादा स्कूल व कोचिंग के संचालक हैं. पिछले एक सालों में जिला मुख्यालय के कई स्कूल व कोचिंग संचालकों से रंगदारी मांगें जाने की बात सामने आयी है. पूर्व एसपी हरप्रीत कौर ने जब कोचिंग व स्कूल संचालकों की एक गुप्त बैठक बुलायी थी, तो रंगदारी के कई मामले पुलिस के सामने आये थे. स्कूल व कोचिंग चलानेवालों लोगों ने आये दिन रंगदारी देनेवाले बात को स्वीकार करते हुए अपने दर्द को बताया था. शिकायत पर प्राथमिकी से लेकर सनहा तक भभुआ थाने में दर्ज किये गये थे. लेकिन, एसपी के जाते ही रंगदारी वसूलने के खिलाफ कार्रवाई ठंडे बस्ते में चला गया और रंगदारों ने एक बार फिर शहर में सर उठा लिया है और बेखौफ होकर रंगदारी मांगने में जुट गये हैं.
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