कर्मनाशा (कैमूर) : सरैया खजुरा घाट से अवैध खनन के मामले में पकड़े गये तीन ट्रैक्टर दुर्गावती थाने से भाग ले जाने के मामले में दुर्गावती थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है. उन्हें शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी विनय कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ मोहनिया की जांच रिपोर्ट में दोषी पाये जाने पर कैमूर एसपी मोहम्मद फरोगुद्दीन ने यह कार्रवाई की. हालांकि प्रभात खबर ने चार जुलाई के अंक में ‘’बालू गिरा कर तीन ट्रैक्टरों को थाने से ले भागे ‘’
शीर्षक से खबर छाप कर दुर्गावती पुलिस की मिलीभगत पर संदेह जताया था. इसी के आधार पर जब एसडीपीओ मोहनिया रघुनाथ सिंह ने मामले की जांच की, तो थानेदार की भूमिका संदिग्ध पायी गयी. इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट में अवैध खनन के मामले में पकड़े गये तीनों ट्रैक्टरों को थाने से भगाने के मामले में थानेदार को दोषी पाते हुए एसपी को कार्रवाई की अनुशंसा की. एसपी ने दुर्गावती थानेदार को निलंबित कर इसकी रिपोर्ट डीआईजी को भेज दी है. हालांकि, शनिवार की शाम तक दुर्गावती में पर
ट्रैक्टरों को थाने से भगा…
किसी थानेदार की तैनाती नहीं की गयी थी. गौरतलब है कि तीन जुलाई को दुर्गावती थाना क्षेत्र के सरैया खजुरा घाट से अवैध बालू निकासी की सूचना पर दुर्गावती पुलिस घाट पर पहुंची थी और वहां से तीन ट्रैक्टरों को पकड़ कर थाने लायी थी. इसमें दो ट्रैक्टरों पर बालू लोड थे तथा एक ट्रैक्टर खाली था. ट्रैक्टरों को पुलिस ने थाने के बगल में पश्चिम तरफ खड़ा किया था. थाने में ट्रैक्टर मालिक व अन्य लोग पहुंचे हुए थे. इसी बीच बालू गिरा कर तीनों ट्रैक्टर भाग निकले. थानाध्यक्ष आलोक कुमार का कहना था कि ट्रैक्टरों की सुरक्षा के लिए चौकीदार को लगाया गया था. लेकिन, पुलिस के कब्जे से ट्रैक्टर भाग जाने पर चार जुलाई के अंक में प्रभात खबर ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए खबर प्रमुखता से छपी थी. इसके बाद थानेदार ने तीनों ट्रैक्टरों के मालिकों व अज्ञात चालकों पर प्राथमिकी दर्ज की थी. इस प्रकरण के दिन एसपी फरोगुद्दीन छुट्टी पर गये हुए थे.
पुलिस के काम की समीक्षा करने पहुंचे थे डीआईजी : शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी चार जुलाई को कार्यों की समीक्षा करने भभुआ पहुंचे थे. इसी दौरान डीआईजी ने प्रभात खबर में छपी खबर को गंभीरता से लेते हुए एसपी मोहम्मद फरोगुद्दीन को मामले की जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. इस पर एसपी मोहम्मद फरोगुद्दीन ने डीएसपी मोहनिया रघुनाथ सिंह को जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने को कहा. जिस पर डीएसपी रघुनाथ सिंह ने गुरुवार की देर शाम इस प्रकरण की जांच की. जांच में डीएसपी ने पाया कि सरैया खजुरा में अवैध बालू निकासी की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष दुर्गावती आलोक कुमार सिंह बिना खनन विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के सहयोग लिए घाट पहुंचे और बालू लदे ट्रैक्टरों को पकड़ लाये और तीनों ट्रैक्टरों को थाने के बाहर खड़ा करवा दिये. लेकिन, सुरक्षा के लिए किसी कर्मी की ड्यूटी नहीं लगायी गयी.
साथ ही पकड़े गये ट्रैक्टरों के मालिकों से थाना प्रभारी बात कर रहे थे. इसके बाद ट्रैक्टर का वहां से भगा ले जाना तथा बाद में चौकीदार को पूर्व समय से बैक टाइमिंग दिखा कर प्रतिनियुक्ति के लिए कमान निर्गत किया गया और इसकी सूचना किसी वरीय पदाधिकारी को नहीं दी गयी. बाद में प्राथमिकी दर्ज की गयी. उसके बाद डीएसपी ने थानेदार को दोषी पाते हुए जांच रिपोर्ट एसपी कैमूर को भेज दी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी फरोगुद्दीन ने थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह को अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता एवं संदिग्ध आचरण का परिचायक पाते हुए तत्काल प्रभाव से जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया. इससे पहले दुर्गावती पुलिस अवैध वसूली करते-करते बिहार से यूपी की सीमा में घुस गयी थी,
जहां यूपी पुलिस ने दुर्गावती थाने के एक पुलिस चालक को हिरासत में ले लिया था. इसे लेकर कैमूर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी. उक्त मामले में एसपी ने सब इंस्पेक्टर, चालक सहित पांच लोगों पर निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी. अभी उस दाग को दुर्गावती पुलिस मिटा भी नहीं पायी थी कि दुर्गावती में यह दूसरी घटना घटी. इसमें पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़ा हो गया है.
एक माह में दो थानेदार निलंबित : इससे पहले सात जून को दुर्गावती के थानेदार प्रमोद कुमार को भी निलंबित किया गया था. उन पर घटना के बाद मोबाइल स्विच ऑफ रखने का आरोप था. वहीं, छह जुलाई को थानेदार आलोक कुमार सिंह को निलंबित किया गया.