लखीसराय में हड़ताल पर गए 15 पंचायत सचिव निलंबित, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 20 May 2026 11:59 AM

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जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार

Lakhisarai News: लखीसराय में सरकारी काम ठप होने पर डीएम का बड़ा फैसला, 15 पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

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Lakhisarai News: लखीसराय से देव कुमार की रिपोर्ट — लखीसराय जिला प्रशासन ने सरकारी कार्यों में बाधा और आदेशों की अवहेलना को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये सभी पंचायत सचिव 8 अप्रैल 2026 से हड़ताल पर थे, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही थीं. प्रशासन ने पहले 48 घंटे के भीतर काम पर लौटने की चेतावनी दी थी, लेकिन निर्देश का पालन नहीं करने पर यह सख्त कदम उठाया गया.

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर जनगणना तक प्रभावित

जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत सचिवों की हड़ताल के कारण जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने, पेंशन सत्यापन तथा जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे.

लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. प्रशासन का कहना है कि आम जनता के काम में बाधा उत्पन्न होना गंभीर मामला है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

डीएम ने जारी किया तत्काल निलंबन आदेश

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों का यह कदम सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन है. इसी आधार पर सभी 15 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

निलंबित कर्मियों में बड़हिया, पिपरिया, चानन, रामगढ़ चौक, लखीसराय सदर, सूर्यगढ़ा और हलसी प्रखंडों के पंचायत सचिव शामिल हैं.

अलग-अलग प्रखंडों में तय किया गया मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. प्रशासन की ओर से इनका मुख्यालय अलग-अलग प्रखंडों में निर्धारित किया गया है.

साथ ही सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर पंचायत सचिवों के खिलाफ आरोप पत्र जिला पंचायत शाखा में जमा करें.

प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

इस कार्रवाई को जिला प्रशासन का सख्त संदेश माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना सभी सरकारी कर्मियों की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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