पटना में जेपी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण अप्रैल से होगा शुरू, जानिए 6 लेन ब्रिज कब बनकर हो जाएगा तैयार...

पटना में जेपी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण कार्य अप्रैल महीने से शुरू होगा. इस पुल को कौन सी कंपनी बनाएगी. यह भी लगभग तय हो चुका है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वर्तमान जेपी सेतु से 180 मीटर पश्चिम में यह पुल बनेगा.
राजधानी पटना स्थित दीघा में गंगा नदी पर वर्तमान जेपी सेतु के समानांतर इससे 180 मीटर पश्चिम में नया एक्सट्रा डोज केबल सिक्सलेन पुल का निर्माण करने के लिए एसपी सिंगला ने सबसे कम 2221.47 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव दिया है. यह जानकारी गुरुवार को फाइनांसियल बिड खुलने पर सामने आई है. दूसरे नंबर पर अशोका बिल्डकॉन ने 2322 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है. एलएंडटी ने 2356.30 करोड़, कल्पतरू ने 2405 करोड़ और रेल विकास निगम ने 2525.55 करोड़ का प्रस्ताव दिया है. ऐसे में एसपी सिंगला का चयन निर्माण के लिए होना तय माना जा रहा है. जिम्मेदारी मिलने पर निर्माण अप्रैल से शुरू होगा. साथ ही 2027 में इस पुल से आवागमन शुरू होने की संभावना है.
सूत्रों के अनुसार यह पुल एनएच-139डब्ल्यू पटना से बेतिया सड़क सहित बुद्ध सर्किट का हिस्सा है. इस पुल के बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने इस नये पुल के निर्माण की मंजूरी दी थी. करीब 4.56 किमी लंबाई में इस पुल के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 3,064.45 करोड़ रुपये है.
इस पुल की लंबाई के अलावा इसमें अलग-अलग एप्रोच रोड बनेगा जो सीधा पाटली पथ और जेपी गंगा पथ को कनेक्ट करेगा. पाटलि पथ से पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग एप्रोच रोड बनेगा. साथ ही जेपी गंगा पथ से नये पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग एप्रोच रोड बनेगा. यानी पटना की तरफ पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए कुल चार एप्रोच रोड बनाये जायेंगे. इन चारों लूप की लंबाई करीब तीन किमी होगी. इससे सड़क हादसों की संभावना बहुत कम हो जायेगी. इस पुल में रोटरी नहीं बनेगी.
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सूत्रों के अनुसार इस नये पुल का सोनपुर की तरफ जाने वाला हिस्सा वर्तमान पुल से पश्चिम की तरफ करीब 180 मीटर की दूरी पर बने बांध को कनेक्ट करेगा. वहां करीब सात सौ मीटर लंबाई में एप्रोच रोड बनेगा. सोनपुर की तरफ वर्तमान सड़क दो लेन चौड़ी है. इसकी चौड़ाई बढ़ाकर फोरलेन की जायेगी. नीचे उतरने के सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ेगी. यह पेव्ड सोल्डर के साथ टू-लेन हो जायेगा. साथ ही दाहिनी तरफ भी पेव्ड सोल्डर के साथ टू-लेन चौड़ाई हो जायेगी. इस तरह सोनपुर की तरफ एप्रोच रोड की कुल चौड़ाई मिलाकर आठ लेन हो जायेगी.
यह पुल बिहार के उत्तरी हिस्से में औरंगाबाद और सोनपुर (एनएच -31), छपरा, मोतिहारी (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर पुराना एनएच -27), बेतिया (एनएच -727) में एनएच -139 के माध्यम से पटना से स्वर्णिम चतुर्भुज कॉरिडोर तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. बुद्ध सर्किट में मौजूद वैशाली और पूर्वी चंपारण जिले में केसरिया में बुद्ध स्तूप के लिए यह पुल बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इसके अलावा, एनएच -139 डब्ल्यू में प्रसिद्ध अरेराज सोमेश्वरनाथ मंदिर और प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर (दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक) को कनेक्टिविटी देगा.
वर्तमान में पटना जिले के दीघा और सारण जिले के सोनपुर के बीच बना रेल सह सड़क पुल दो लेन जेपी सेतु का उपयोग केवल हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए होता है. ऐसे में वस्तुओं की ढुलाई सहित व्यवसायिक उपयोग के लिए यहां सिक्सलेन सड़क पुल की जरूरत थी.
निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 5डी-बिल्डिंग सूचना मॉडलिंग (बीआईएम), ‘ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम’ (बीएचएमएस), मासिक ड्रोन मैपिंग जैसी नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जायेगा. साथ ही ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मॉडल पर परियोजना का निर्माण होगा.
राज्य में गंगा नदी पर फिलहाल सात पुल हैं. अगले कुछ साल में करीब 11 पुल और बनने से गंगा नदी पर पुलों की संख्या 18 हो जायेगी. इसमें फिलहाल केवल पटना जिला में गंगा नदी पर तीन पुल हैं. कुछ साल में पटना जिला में गंगा नदी पर नौ पुल हो जायेंगे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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