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गांवों में स्वच्छता अभियान में लोग नहीं कर रहे सहयोग

Updated at : 26 Sep 2024 10:37 PM (IST)
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गांवों में स्वच्छता अभियान में लोग नहीं कर रहे सहयोग

सरकार द्वारा गांव में घर-घर जाकर साफ-सफाई अभियान चलवा रही है, ताकि प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ मिशन भारत योजना सफल हो सके,

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जहानाबाद सदर.

सरकार द्वारा गांव में घर-घर जाकर साफ-सफाई अभियान चलवा रही है, ताकि प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ मिशन भारत योजना सफल हो सके, लेकिन इस योजना को सफल होने में ग्रामीण भी बाधक बन रहे हैं. सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क को ग्रामीण नहीं दे पा रहे हैं जिसकी वजह से स्वच्छता अभियान गांव में अभी नहीं दिख रही है. आज पूरा देश स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है, लेकिन गांव में राशि के अभाव में स्वच्छता अभियान में लगे हुए कर्मी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं. ज्ञात हो कि सरकार द्वारा स्वच्छता मिशन के तहत प्रत्येक गांव में घर-घर जाकर कचरे के उठाव करने के लिए स्वच्छाग्रही कर्मी की नियुक्ति की थी तथा प्रत्येक घरों से कचरे के उठाव करने के लिए कचरा ढूंढने वाला ठेला के साथ डस्टबिन भी दिया गया था. प्रत्येक घर के आगे डस्टबिन भी रखा गया था, ताकि गांव के लोग अपने घरों से कचरे का उठाव कर डस्टबिन में डाल दें और स्वच्छता कर्मी सुबह पहुंचने पर ठेला के द्वारा कचरे को उठाकर डंपिंग जोन में जाकर फेंक दें, लेकिन ग्रामीणों द्वारा सही ढंग से सहयोग नहीं किए जाने की वजह से इस अभियान पर ग्रहण लगता दिख रहा है. यह स्थिति जिले के सभी पंचायत में देखी जा रही है.

मामूली राशि भी नहीं दे पा रहे हैं लोग :

सरकार द्वारा स्वच्छता मिशन के तहत प्रत्येक घरों से कचरे के उठाव करने के लिए स्वच्छाग्रही कर्मी को नियुक्ति किया था. प्रत्येक घर से कचरे के उठाव करने के लिए सरकार द्वारा प्रतिदिन एक रूपये के हिसाब से महीने में 30 रूपये का शुल्क निर्धारित किया था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि 30 रूपये का शुल्क प्रत्येक महीना देने में भी ग्रामीण सहयोग नहीं कर पा रहे हैं. मुश्किल से 25 से 30 प्रतिशत लोग ही उक्त राशि दे रहे हैं. 70 प्रतिशत लोग शुल्क देना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं जिसकी वजह से घर-घर जाकर कचरा उठाव करने वाला स्वच्छाग्रही कर्मी को समय पर राशि नहीं मिल पा रही है जिससे इस अभियान में ग्रहण लगता दिख रहा है. राशि के अभाव में कई ऐसे पंचायत हैं जहां कूड़ा- करकट होने वाला ठेला खराब हो चुकी है लेकिन उसे बनवाया भी नहीं जा रहा है.

क्या कहते हैं अधिकारी

स्वच्छता मिशन अभियान के तहत प्रत्येक गांव में कचरा का उठाव करवाया जा रहा है. ग्रामीणों द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान अभी भी ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से स्वच्छता अभियान मिशन सफलता में बाधक बन रही है. गांव में कचरा उठाव करने के लिए जो भी ठेला खराब हो गया था, उसे दो दिनों के अंदर ठीक करवाया जा रहा है ताकि स्वच्छता अभियान आगे बढ़ सके.

अनिल मिस्त्री, बीडीओ, जहानाबाद

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