Jehanabad News : कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं बनीं महिला सशक्तीकरण की पहचान
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 May 2026 7:48 AM
कराटे खेलते छात्राओं की सांकेतिक तस्वीर।
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, काको की छात्राएं अंजू कुमारी एवं तेजु कुमारी 36 सप्ताह के कराटे प्रशिक्षण में भाग लेकर उन्होंने अपने जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है.
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, काको की छात्राएं अंजू कुमारी एवं तेजु कुमारी 36 सप्ताह के कराटे प्रशिक्षण में भाग लेकर उन्होंने अपने जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है.
Jehanabad News : ( मृत्युंजय कुमार) जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, काको की छात्राएं अंजू कुमारी एवं तेजु कुमारी आज क्षेत्र में आत्मविश्वास, साहस और महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बन चुकी हैं. साधारण परिवार से आने वाली इन दोनों छात्राओं की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है. बिहार शिक्षा परियोजना के अंतर्गत संचालित “रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना” के तहत आयोजित 36 सप्ताह के कराटे प्रशिक्षण में भाग लेकर उन्होंने अपने जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है.
प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना
अंजू कुमारी ने बताया कि विद्यालय में आयोजित 36 सप्ताह के कराटे प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना. उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना है. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कराटे की विभिन्न तकनीकों. आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपायों. फिटनेस, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया.
अंजू कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण से पहले वे काफी संकोची थीं. और कई परिस्थितियों में स्वयं को असुरक्षित महसूस करती थीं. लेकिन नियमित कराटे प्रशिक्षण ने उनके अंदर साहस और आत्मविश्वास का संचार किया। अब वे निडर होकर विद्यालय की गतिविधियों में भाग लेती हैं. और अन्य छात्राओं को भी आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करती हैं।.
प्रशिक्षण ने उनके जीवन की सोच बदल दी : तेजु
वहीं तेजु कुमारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन की सोच बदल दी है. अब वे हर परिस्थिति का सामना आत्मविश्वास के साथ करने लगी हैं. उन्होंने कहा कि कराटे प्रशिक्षण ने उन्हें अनुशासन. आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता का महत्व सिखाया है. दोनों छात्राएं अब विद्यालय में अन्य बालिकाओं को भी कराटे की बुनियादी तकनीकें सिखा रही हैं. जिससे विद्यालय में महिला सशक्तिकरण. आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता का सकारात्मक वातावरण विकसित हो रहा है. उनके प्रयासों से अन्य छात्राओं के भीतर भी आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विद्यालय और आसपास की लड़कियों के लिए दोनों प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं.
छात्राओं में अनुशासन और टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास हुआ
कस्तूरबा विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद दोनों छात्राओं के व्यक्तित्व. व्यवहार एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है. छात्राओं में अनुशासन. टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों का भी विकास हुआ है.
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