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रात के अंधेरे में नदी से बालू का हो रहा अवैध उठाव

Updated at : 05 Dec 2024 10:49 PM (IST)
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रात के अंधेरे में नदी से बालू का हो रहा अवैध उठाव

जिले में प्रमुख नदियों में खनन विभाग द्वारा भले ही बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं की गयी हो, लेकिन बालू माफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में नदी से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है.

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जहानाबाद सदर.

जिले में प्रमुख नदियों में खनन विभाग द्वारा भले ही बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं की गयी हो, लेकिन बालू माफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में नदी से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है. बालू माफिया उसके लिए फल्गु नदी एवं गंगहर नदी को सेफ जोन बना लिया है और बालू का उठाव कर बिक्री कर रहा है. विदित हो कि खनन विभाग द्वारा जिले में अभी तक सभी नदी घाटों में बालू की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं की है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा बरसात के दिनों में नदी से बालू के उठाव पर 15 अक्तूबर तक रोक लगाये हुए था. रोक हटाये जाने के बाद भी जिले में अभी तक बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं की गई है. यूं तो जिले में विगत 5 सालों से नदी घाट की बंदोबस्ती नहीं की गयी है. पिछले साल खनन विभाग द्वारा फल्गु नदी में भी बालू घाट की बंदोबस्ती करने के लिए छह बार टेंडर निकला था, लेकिन फल्गु नदी में बालू नहीं रहने के कारण कोई भी संवेदक निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके थे, जिसके कारण अभी तक बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं हो सकी है.

नदी में बालू की है समस्या :

फल्गु नदी में बालू नहीं रहने के कारण भी संवेदक निविदा निकालने के बाद भी निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके. 6 बार टेंडर निकाले जाने के बाद भी बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बाद खनन विभाग द्वारा जिला अधिकारी के द्वारा गठित टीम ने फल्गु नदी का मुआयना किया. मुआयना करने के बाद जांच रिपोर्ट जिला अधिकारी के पास भेजा गया है. उसके बाद रिपोर्ट को खनन विभाग पटना भेज दिया गया है लेकिन वहां से अभी तक मंतव्य नहीं आने के कारण जिले में निविदा की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की जा सकी है.

सिंडिकेट बनाकर हो रहा है अवैध उत्खनन :

बालू माफिया जिले में बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं होने का भरपूर फायदा उठा रहे हैं और सिंडिकेट बनाकर नदी से बालू का अवैध उत्खनन कर बिक्री कर रहे हैं. बालू माफिया उसके लिए टीम बना लिया है. एक टीम नदी से जेसीबी मशीन एवं मजदूर लगाकर बालू का उठाव करता है. दूसरा टीम ग्राहक ढूंढते रहता है. तीसरी टीम नदी से लेकर ग्राहक तक बालू पहुंचाने का काम करता है और चौथी टीम पुलिस एवं खनन विभाग पर नजर बनाए रखता है. जैसे ही भनक मिलती है, बालू के आगे-आगे चल रही टीम के सदस्यों को सूचित कर देता है, तभी गंतव्य स्थान तक पहुंचता है. बालू बिक्री कर बालू माफिया टीम के सभी सदस्यों को कुछ न कुछ राशि का भुगतान करता है और अवैध उत्खनन का धंधा पूरे जिले में फैलाए हुए है.

क्या कहते हैं अधिकारी

जिले में प्रमुख नदी घाट की बंदोबस्ती नहीं हो सकी है. बालू का अवैध उत्खनन होने की जैसे ही सूचना मिलती है, कार्रवाई की जाती है. विभाग द्वारा गठित टीम लगातार छापेमारी करता है. कहीं भी कोई अवैध उत्खनन में पकड़ा जाता है तो ट्रैक्टर, ट्रक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाती है तथा दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है.

नवेंदु कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, जहानाबाद

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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