जहानाबाद समाहरणालय पर किसानों का हल्लाबोल, अधिकारियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
Published by : Nikhil Anurag Updated At : 02 Jun 2026 6:07 PM
धरना पर बैठे किसान
Jehanabad News: जहानाबाद में किसान संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को जिला समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. किसानों ने अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने और राजस्व कर्मचारियों व अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार व नामांतरण के एवज में अवैध राशि मांगने का आरोप लगाया.
Jehanabad News: (अशोक कुमार की रिपोर्ट) जिला समाहरणालय के समीप मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया. आक्रोशित किसानों ने राजस्व कर्मचारियों तथा अंचल अधिकारियों (सीओ) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर जमीन संबंधी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने तथा व्यापक भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया.
अवैध वसूली का है आरोप
धरना को संबोधित करते हुए किसान समिति के मुख्य नेताओं ने कहा कि जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में किसानों के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), डिमांड पृथक्करण, और जमाबंदी सुधार समेत अन्य महत्वपूर्ण भूमि संबंधी मामलों को जानबूझकर लटकाया जा रहा है. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई किसानों की जमाबंदी आज भी उनके पूर्वजों के नाम से ही चल रही है, जबकि परिवारों में आपसी बंटवारा हुए दो-दो पीढ़ियां बीत चुकी हैं.
किसानों का साफ तौर पर कहना है कि जब वे नामांतरण और जमाबंदी सुधार के लिए अंचल कार्यालय जाते हैं, तो राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों द्वारा मोटी अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की जाती है. जो किसान यह राशि नहीं दे पाते, उनके जायज मामलों को भी महीनों और सालों तक लंबित रखा जाता है.
फार्मर आईडी न बनने से सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं किसान
नेताओं ने तकनीकी दिक्कतों को रेखांकित करते हुए कहा कि भूमि अभिलेखों (लैंड रिकॉर्ड्स) में भारी त्रुटियों और लंबित मामलों के कारण जिले के एक बड़े हिस्से के किसानों का ‘फार्मर आईडी’ (किसान पंजीकरण) नहीं बन पा रहा है. इसका सीधा नुकसान यह हो रहा है कि वे केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न अत्यंत महत्वपूर्ण कल्याणकारी व अनुदान योजनाओं का लाभ लेने से पूरी तरह वंचित हो रहे हैं. किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के कड़े निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर राजस्व व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ है.
पंचायत मुख्यालयों में बैठें कर्मचारी, वरना तेज होगा आंदोलन
धरनार्थियों ने जिला प्रशासन से मुख्य रूप से यह मांग की है कि सभी राजस्व कर्मचारी अपने-अपने पंचायत मुख्यालयों में निर्धारित दिनों में नियमित रूप से उपस्थित रहें और किसानों के कार्यों का त्वरित निष्पादन करें. समिति के नेताओं ने कहा कि इस संबंध में कई बार जिलाधिकारी (डीएम) को भी लिखित शिकायत सौंपी गई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. यहाँ तक कि अधिकारी अब किसान नेताओं के फोन तक नहीं उठाते हैं.
किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की इन जायज समस्याओं का शीघ्र पारदर्शी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. समिति के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएंगे, किसानों को जागरूक करेंगे तथा इस लड़ाई को एक बड़े जन आंदोलन का रूप देंगे.
धरने में ये लोग रहे मुख्य रूप से शामिल
इस महत्वपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मंजय कुमार ने की. इस अवसर पर अपनी आवाज बुलंद करने वालों में संगठन सचिव श्यामदेव प्रसाद, सरजू प्रसाद सिंह, सिद्धनाथ कुमार, श्यामदेव यादव समेत जिले के सैकड़ों किसान एवं संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
Also Read: बेगूसराय में BPSC शिक्षक की शर्मनाक करतूत, नाबालिग छात्रा से की अश्लील हरकत, गिरफ्तार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










