जहानाबाद में सदर अस्पताल का नया भवन जुलाई में ही बनना था, निर्माण एजेंसी ने दिसंबर तक मांगा समय

निर्माणाधीन सदर अस्पताल का नया भवन | Prabhat Khabar Network
जहानाबाद सदर अस्पताल का बहुप्रतीक्षित नया भवन निर्माण निर्धारित समय से काफी पीछे चल रहा है. निर्माण एजेंसी को जुलाई 2026 तक भवन सौंपना था, लेकिन अब उन्होंने दिसंबर तक का समय मांगा है. यह देरी मरीजों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
Jehanabad News : सदर अस्पताल के नए भवन का निर्माण निर्धारित समय सीमा के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो सका है. निर्माण एजेंसी को जुलाई 2026 तक भवन बनाकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपना था, लेकिन कार्य अधूरा है. अब जिलाधिकारी छिड़िग बाई भूटिया ने निर्माण एजेंसी को सितंबर 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने का निर्देश दिया है. हालांकि निर्माण एजेंसी ने भवन पूरी तरह तैयार कर हैंडओवर करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा है.
स्ट्रक्चर तैयार, फिनिशिंग का काम बाकी
सदर अस्पताल के नए भवन का बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर सहित नौ मंजिला स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है. अब भवन के कुछ हिस्सों में प्लास्टर, फ्लोर वाइज फिनिशिंग और अन्य आंतरिक कार्य किए जा रहे हैं. इन्हीं कार्यों के पूरा होने के बाद भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाएगा.
2024 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
पुराने जर्जर सदर अस्पताल भवन को तोड़ने के बाद सितंबर 2024 में नए भवन का निर्माण शुरू हुआ था. इससे पहले दिसंबर 2023 से अगस्त 2024 तक पुराने भवन को ध्वस्त करने और बेसमेंट की तैयारी का कार्य चला. मई 2024 में अस्पताल को अस्थायी रूप से पीकू वार्ड में स्थानांतरित किया गया था, जिसके बाद मुख्य भवन को हटाकर नई इमारत का निर्माण शुरू हुआ.
150 बेड और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
करीब 93 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस जिला अस्पताल में 150 बेड की सुविधा होगी. भवन दो बेसमेंट और सात मंजिलों सहित कुल नौ स्तरों का होगा. इसमें आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, पीआईसीयू, मातृत्व वार्ड, जनरल वार्ड, इमरजेंसी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, लिफ्ट सहित सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. भवन का निर्माण भारत सरकार के इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है.
जर्जर भवन में चलता था अस्पताल
नए भवन के निर्माण से पहले सदर अस्पताल वर्षों तक जर्जर और खतरनाक घोषित भवन में संचालित होता रहा. कई बार छत और सीलिंग का हिस्सा गिरने से मरीज और स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए थे. मिशन-60 के तहत भवन की मरम्मत पर करीब पौने दो करोड़ रुपये भी खर्च किए गए, लेकिन बाद में उसी भवन को ध्वस्त कर नया अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया.
कृषि विभाग की जमीन पर बनने का प्रस्ताव बदला
शुरुआत में काको रोड स्थित कृषि विभाग की जमीन पर नया जिला अस्पताल बनाने का प्रस्ताव था. बाद में स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान वर्तमान अस्पताल परिसर को पर्याप्त मानते हुए यहीं नया अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया. इसके बाद निविदा जारी कर पुराने भवन को ध्वस्त कर नए अस्पताल का निर्माण शुरू कराया गया.
क्या कहते हैं अधिकारी
बीएमएसआईसीएल के डीजीएम रंजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल के नए भवन का स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग का कार्य चल रहा है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
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