जिले के सभी एपीएचसी, सीएचसी में शिविर लगाकर हो रही कैंसर की स्क्रीनिंग

Updated at : 26 Sep 2024 10:39 PM (IST)
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जिले के सभी एपीएचसी, सीएचसी में शिविर लगाकर हो रही कैंसर की स्क्रीनिंग

कैंसर की स्क्रीनिंग सदर अस्पताल और गांवों में की जा रही है. होमी भाभा इंस्टिट्यूट की टीम के द्वारा मरीजों का स्क्रीनिग किया जा रहा है.

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अरवल.

कैंसर की स्क्रीनिंग सदर अस्पताल और गांवों में की जा रही है. होमी भाभा इंस्टिट्यूट की टीम के द्वारा मरीजों का स्क्रीनिग किया जा रहा है. होमी भाभा इंस्टिट्यूट की टीम के द्वारा मरीजों का स्क्रीनिग किया जा रहा है. गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ अरबिंद कुमार ने बताया कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो कभी भी किसी को भी हो सकती है. इस बीमारी की चपेट में आने के बाद बॉडी में कई तरह के जोखिम पैदा होने लगते हैं और ये बीमारी जानलेवा भी हो सकती है. ऐसा नहीं है कि इस बीमारी का इलाज नहीं किया जा सकता है. कैंसर का अगर शुरूआत में पता चल जाए तो इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है. कैंसर की बीमारी के लक्षणों की अगर समय पर पहचान कर ली जाए तो आसानी से इसका इलाज किया जा सकता है. भारत में छह तरह के कैंसर ज्यादा होते हैं, जिसमें फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, पेट का कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल है.

कैंसर रोगियों को इलाज के लिए अब पटना, दिल्ली और मुंबई नहीं जाना पड़ेगा. कैंसर की स्क्रीनिंग और इलाज की सुविधा अब सदर अस्पताल परिसर में मिलेगी. होमी भावा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान मुजफ्फरपुर द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग, जागरूकता और इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. होमी भावा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान मुजफ्फरपुर द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग, जागरूकता और इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. जिला में होमी भाभा इंस्टिट्यूट के डॉ अपर्णा चित्रांश और डॉ मधु सिंह के द्वारा जिला में 13 मई 2023 से जिला के एपीएचसी, सीएचसी और ग्राम पंचायतों में शिविर लगाये गये है. जिसमें 25 हजार 715 लोगों का का स्क्रीनिंग किया गया है. जिसमें 61 संदिग्ध कि पहचान हुई है. 20 रोगी कि पुष्टि हुई हैं. बाकी अभी जांच चल रहा हैं. जिनका फिर से विधिवत स्क्रीनिंग किया जायेगा. और जरूरत पड़ी तो जांच के लिए बाहर भेजा जायेगा. डॉ चित्रांश ने बताया कि शिविर के अलावे जागरूकता अभियान भी आयोजित किया जा रहा है. जहां पर टीम जाकर कैंसर के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 12 से अधिक जगह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है. स्क्रीनिंग शिविर में हर शिविर में 40 से ज्यादा लोग नहीं पहुंच पा रहे.

जिले में 9 मई 2023 से स्क्रीनिंग आरम्भ हुई है. जिसमें अगस्त 2024 तक कुल स्क्रीनिंग 25,715, मौखिक दृश्य परीक्षा 25,715, क्लिनिकल ब्रेस्ट परीक्षा 10,296, एसिटिक एसिडिक एसिड के साथ दृश्य निरीक्षण 960, कुल पुष्टि मामले 20,

नये पुष्टि मामले 15, पहले से पुष्टि मामले 05, कुल संदिग्ध 61, घर का दौरा कर 18 लोगों की जांच किया गया.

शनिवार और सोमवार को सदर अस्पताल में मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है. डॉ अर्पणा चित्रांश ने कहा कि लोगों को तम्बाकू, गुटखा, पान, खैनी को छोड़ना होगा, तभी कैंसर जैसी बीमारी से बच सकते हैं.

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