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Bihar Land Survey: जमीन सर्वे में पूर्व सांसद की बदल दी जाति, भूमिहार से बना दिया यादव, सीएम को लिखी चिठ्ठी

Updated at : 06 Oct 2024 6:31 PM (IST)
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Bihar Land Survey: जमीन सर्वे में पूर्व सांसद की बदल दी जाति, भूमिहार से बना दिया यादव, सीएम को लिखी चिठ्ठी

Bihar Land Survey: जमीन सर्वे में हुई गड़बड़ियों को लेकर पूर्व सांसद डॉ जगदीश शर्मा ने सीएम को पत्र लिख कर इसकी शिकायत की है. शिकायत के बाद सीएम सचिवालय हरकत में आया है और राजस्व और भूमि सुधार विभाग को इसमें सुधार का निर्देश दिया है.

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Bihar Land Survey, घोसी. बिहार जमीन सर्वे में जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ जगदीश शर्मा को जाति में भूमिहार की जगह यादव बना दिया गया है. इसके साथ ही कई तरह की गड़बड़ियां की गयी हैं. जमीन सर्वे में हुई गड़बड़ियों को लेकर पूर्व सांसद डॉ जगदीश शर्मा ने सीएम को पत्र लिख कर इसकी शिकायत की है. शिकायत के बाद शुक्रवार को सीएम सचिवालय हरकत में आया है और राजस्व और भूमि सुधार विभाग को इसमें सुधार का निर्देश दिया है. दरअसल जहानाबाद के पूर्व सांसद घोसी प्रखंड के कोर्रा गांव के रहने वाले हैं. शर्मा घोसी से 6 बार विधायक और जहानाबाद से एक बार सांसद रह चुके हैं. उनकी पत्नी शांति शर्मा और पुत्र राहुल कुमार भी घोसी से विधायक रह चुके हैं. राजनीतिक दिग्गज के साथ भी जमीन सर्वे में बड़ी गलती की गयी है.

चर्चा का विषय बन गया

सर्वे के अभिलेख में रैयत जगदीश शर्मा पिता कमाता शर्मा की जाति ग्वाला (यादव) दर्शाया गया है. जबकि पूर्व सांसद भूमिहार जाति से आते हैं. सर्वे के अभिलेख में जिले के नामचीन राजनीतिक हस्ती की गलती चर्चा का विषय बन गया है. इधर, पूर्व सांसद ने सीएम को पत्र लिखकर जमीन सर्वे में कई खामियों पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने पत्र में कहा है कि सर्वे के प्रथम चरण में अमीन गांव में जाकर एक-एक परिवार के साथ मिलकर उसके जमीन पर जाकर प्लॉट खाता की पहचान कर जमीन मालिक का नाम उसके समक्ष दर्ज करता, तो गड़बड़ी की संभावना नहीं होती.

पत्र में क्या लिखा

जगदीश शर्मा ने पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड में नरमा, किशुनपुर, बिशुनपुर सहिंत कई गांवों में जमीन बकाश्त बताकर उसे रैयतों से छिनने का प्रयास चल रहा है. जगदीश शर्मा ने पत्र में कई जमीन सर्वे को लेकर कई सुझाव भी दिये हैं. उन्होंने कहा कि जिन रैयतों के पास बकाश्त एवं मालिक जमीन का कागज है, उसे उस रैयत के नाम से कर अविलंव रसीद काटने का आदेश दिया जाये. कागजातों में त्रुटि निवारण के लिए तिथि निर्धारित कर एक-एक गांव में शिविर लगाकर स्थल पर ही निराकरण किया जाये. पूर्व सांसद ने सर्वे में अपने साथ हुए घोर अनियमितता का जिक्र करते हुए कहा है कि इसका प्रमाण इस बात से हो जाता है कि जिले एवं प्रांत के चर्चित व्यक्ति की जाति ही बदल दी जाती है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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