टीपीसी कमांडर के लिए पटना में छापा

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खुलासा.लेवी के रुपये से नक्सली शंकर यादव ने कुम्हरार के पास बनाया मकान पकड़े जाने के भय से भूमिगत हुआ कमांडर झारखंड के जंगलों में छिपे रहने की है आशंका जहानाबाद : नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से अलग होकर तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) नामक संगठन बना उसका संचालन करने वाले एक कमांडर शंकर यादव को […]

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खुलासा.लेवी के रुपये से नक्सली शंकर यादव ने कुम्हरार के पास बनाया मकान

पकड़े जाने के भय से भूमिगत हुआ कमांडर
झारखंड के जंगलों में छिपे रहने की है आशंका
जहानाबाद : नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से अलग होकर तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) नामक संगठन बना उसका संचालन करने वाले एक कमांडर शंकर यादव को गिरफ्तार करने के लिए जहानाबाद और अरवल जिले की पुलिस ने मुहिम तेज कर दी है. कमांडर के पटना स्थित आवास के अलावा जहानाबाद और अरवल जिले के कुछ संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में अभी नहीं आया है. पटना से छापेमारी कर लौटने के बाद एएसपी अभियान अनिल कुमार सिंह ने यह जानकारी दी. बताया जाता है कि गिरफ्तारी के भय से कमांडर शंकर अंडरग्राउंड हो गया है.
24 मार्च को प्रतिबंधित संगठन टीपीसी का सक्रिय सदस्य जय कुमार दास को अरवल जिले के कुर्था थाना अंतर्गत पोंदिल गांव के समीप जहानाबाद और अरवल के एएसपी अभियान अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से दो देसी ग्रेनेड, एक देसी पिस्तौल, दो कारतूस और पांच हजार रुपये जब्त किया था. पुलिस को गुप्त सूचना थी कि टीपीसी का कमांडर शंकर यादव लेवी वसूलने के लिए आने वाला है लेकिन उस वक्त वह नहीं आया था.
गिरफ्तार नक्सली जय कुमार दास करपी थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव का निवासी है. पूछताछ के दौरान उसने संगठन के कमांडर शंकर यादव सहित गिरोह के कई लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को दिया था.
पटना के कुम्हरार के पास बनाया मकान : उक्त कमांडर मूलत: गया जिले के कोच थाना अंतर्गत भिखनपुरा गांव का रहने वाला है. गया के मउ-टिकारी के रास्ते अरवल जिले के कुर्था और करपी थाना क्षेत्र के इलाके में उसने पांव पसारा और धीरे-धीरे अपना सांगठनिक विस्तार किया. संगठन में कुछ युवकों को पैसे का प्रलोभन देकर शामिल किया और शुरू किया लेवी वसूलने का धंधा. एएसपी अभियान ने जानकारी दी कि अब तक किये गये अनुसंधान में यह खुलासा हआ है कि शंकर यादव ने लेवी के रूप में वसूले गये लाखों रुपये की लागत से पटना के कुम्हरार से पश्चिम अपना एक मकान बनाया है जिसमें उसका परिवार रहता है.
पकड़े जाने के भय से वह अलग एक किराये के मकान में अस्थायी तौर पर रहता है. बीच-बीच में अपने परिवार से मिलने जाता है. उसके गुर्गे की निशानदेही पर पुलिस ने उसके पटना स्थित घर पर छापेमारी की, लेकिन वह नहीं मिला. पुलिस ने उसके घर व परिवार के लोगों की तसवीरें भी ली है. बताया गया है कि उसका सक्रिय सहयोगी जयकुमार दास की गिरफ्तारी के बाद वह चौकन्ना हो गया और कहीं भूमिगत हो गया है. पुलिस को जानकारी मिली है कि कमांडर शंकर यादव बिहार छोड़कर भाग गया है और फिलहाल झारखंड के जंगलों में उसके छिपे रहने की आशंका है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय है.
पोंदिल में गिरफ्तार गुर्गे ने पुलिस के समक्ष खोले कई राज
लेवी के रूप में वसूले थे लाखों रुपये
पुलिस के समक्ष नक्सली जय कुमार दास ने कबूल किया है कि वह अपने कमांडर के निर्देश पर ठेकेदारों और भट्ठा संचालकों से लेवी वसूलता था. लाखों रुपये की वसूली की गयी थी. इसके एवज में कुछ रुपये बतौर हिस्सेदारी के रूप में उसे दिया जाता था. किन-किन लोगों से लेवी वसूलना है उसकी सूची कमांडर शंकर देता था.
बड़ी डील में वह खुद शामिल रहता था. अरवल जिले के करपी और कुर्था के इलाके में उसकी सक्रियता काफी बढ़ गयी थी. इस काम में टीपीसी के करीब एक दर्जन नक्सलियों का समूह कमांडर के इशारे पर अलग-अलग विभक्त होकर संवेदकों और भट्ठे दारों को पहले नोटिस देता था. धमकी भरे पत्र में राशि निर्धारित की जाती थी और रुपये देने की तारीख भी अंकित की जाती थी. लाखों रुपये बतौर लेवी के रूप में टीपीसी के नक्सलियों ने वसूल किया था.
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