शव पहुंचते ही हर कोई रोया

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जहानाबाद/बिहारशरीफ : शव के पहुंचते ही लोगों का हुजूम जुट गया. संपूर्ण वातावरण गमगीन हो गया था. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. दोपहर 12 बजे तक पूरे बाजार में मातमी सन्नाटा पसरा था. राइस मील मालिक निरंजन प्रसाद दो पुत्र व एक पुत्री के पिता हैं. बड़ा पुत्र आदित्य व छोटा ऋतिक था. […]

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जहानाबाद/बिहारशरीफ : शव के पहुंचते ही लोगों का हुजूम जुट गया. संपूर्ण वातावरण गमगीन हो गया था. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. दोपहर 12 बजे तक पूरे बाजार में मातमी सन्नाटा पसरा था. राइस मील मालिक निरंजन प्रसाद दो पुत्र व एक पुत्री के पिता हैं. बड़ा पुत्र आदित्य व छोटा ऋतिक था. मृतक के दादा दुलारचंद साव, मां रेखा देवी सहित पूरे परिवार की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. मृतक संत मैरी स्कूल का छात्र है. मौत की सूचना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया.

हिलसा एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित की गयी थी टीम : डीआइजी के निर्देश पर अपहृत छात्र की सकुशल बरामदगी को लेकर हिलसा एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी, जिसमें दस तेज-तर्रार पुलिस ऑफिसर्स को शामिल किया गया था. पुलिस इस मामले में जहानाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी भी कर रही थी.
कुकृत्य की असल सच्चाई परिपक्व अनुसंधान के इंतजार में : ऋतिक का अपहरण क्यों किया गया, अपहरण के बाद उसकी हत्या क्यों कर दी गयी. इन सवालों का जवाब पुलिस के आलाधिकारी नहीं दे पा रहे हैं. ऋतिक के पिता ने पुलिस को इतना अवश्य बताया था कि अपराधियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से पुत्र के अपहरण की जानकारी दी थी. अपराधियों ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं देने की धमकी भी दी थी. डीआइजी शालीन बताते हैं कि पूरे मामले की असल सच्चाई अनुसंधान के बाद स्पष्ट हो जायेगा. अपहरण व हत्या की इस कड़ी में गिरफ्तार आशिष, दीपू व कुंदन क्यों जुड़े रहे, इसकी स्पष्ट जानकारी भी पुलिस नहीं दे पा रही है. कुकृत्य की असल सच्चाई परिपक्व अनुसंधान का वाट जोह रही है.
एकंगरसराय थाना कांड संख्या 65/16 के आइओ संजय कुमार बने : एकंगरसराय थाना कांड संख्या 65/16 के अनुसंधानक एकंगरसराय थानाध्यक्ष संजय कुमार को बनाया गया है. पूरे प्रकरण की जांच व फरार आशिष की गिरफ्तारी व साक्ष्य की तलाशी का जिम्मा संभाल रहे हैं. टेलीफोन पर थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना के पीछे के सही कारणों की जानकारी अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी.
अपहरण व हत्याकांड में आशिष, कुंदन व दीपू की भूमिका : ऋतिक राज हत्याकांड में गिरफ्तार दो युवक एकंगरसराय थाने के भातु बिगहा का दीपू कुमार है, जबकि कुंदन गोमहर गांव का है. दीपू दशम वर्ग का छात्र है. कुंदन कोचिंग सेंटर चलाता है. दीपू इसी कोचिंग सेंटर में पढ़ा करता था. ताजा जानकारी के मुताबिक आशिष रंजन ऋतिक को उसके घर के रास्ते से क्रिकेट खेलने की बात कह कर अपनी बाइक पर बैठाया था.
बाइक पर दीपू भी बैठा था, जबकि कुंदन इस पूरे मामले में लाइनर का काम कर रहा था. इस अपहरण व हत्याकांड में आशिष, कुंदन व दीपू की भूमिका स्पष्ट हो गयी है. पुलिस सूत्रों की माने, तो अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अपहरण व हत्या के पीछे की असल सच्चाई क्या है.
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