कर्मियों की हड़ताल से ऑनलाइन कार्य ठप
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Dec 2017 6:50 AM
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प्रदर्शन. हड़ताली संविदा कर्मियों ने अस्पताल परिसर में दिया धरना, मरीज परेशान जहानाबाद नगर : अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर संविदा कर्मियों के हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है. हड़ताल के कारण जिले के सभी अस्पतालों में ऑनलाइन कार्य पूरी तरह ठप है. वहीं जननी बाल सुरक्षा योजना फैमिली प्लानिंग ऑपरेशन के […]
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प्रदर्शन. हड़ताली संविदा कर्मियों ने अस्पताल परिसर में दिया धरना, मरीज परेशान
जहानाबाद नगर : अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर संविदा कर्मियों के हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है. हड़ताल के कारण जिले के सभी अस्पतालों में ऑनलाइन कार्य पूरी तरह ठप है. वहीं जननी बाल सुरक्षा योजना फैमिली प्लानिंग ऑपरेशन के अलावे अन्य तरह के भुगतान भी ठप पड़ा है जिसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तथा मेडिकल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर ऑनलाइन कार्य बंद रहने के कारण आधे मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है.
मैंयुअली कार्य होने के कारण सभी मरीजों का समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. ऐसे में समय समाप्त होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है. वहीं हड़ताली संविदा कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे दिन भी अस्पताल परिसर में धरना दिया तथा सरकार से उनकी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग किया.
हड़ताली कर्मियों का कहना था कि वे छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले माह काला बिल्ला लगाकर कार्य किया था तथा सरकार को इसकी जानकारी देते हुए मांग किया था कि उनकी मांगों को पूरा किया जाये लेकिन सरकार की कानों पर जूं तक नहीं रेंगी जिसके कारण बाध्य होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है. कर्मियों का कहना था कि सरकार उनके साथ खिलवाड़ कर रही है. हड़ताली कर्मियों के साथ ही आयुष चिकित्सक, टीवी सुपरवाइजर, आरएनटीसीपी कर्मी, संजीवनी डाटा ऑपरेटर, परिवार नियोजन परामर्शी, आशा, ममता, आशा भी धरना बैठे थे. हड़ताल के कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र से लेकर जिलास्तर तक स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी, संस्थागत प्रसव, दवा वितरण, ऑनलाइन पंजीयन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य कार्य ठप रहा. जिले के 25 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोई कार्य नहीं हुआ. वहीं स्वास्थ्य संस्थानों में आये टीवी मरीजों को बिना दवा वापस लौटना पड़ा. जबकि जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से दो दर्जन से अधिक संस्थागत प्रसव के लाभार्थियों को वापस लौटना पड़ा. आरबीएस के डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि 1823 बच्चों का स्वास्थ्य जांच हड़ताल के कारण
नहीं हो सका.
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
संविदा कर्मियों के हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. मेंयुअली निबंधन के कारण काफी कम संख्या में मरीजों का निबंधन हो पा रहा है. वहीं दवा वितरण, जांच आदि में भी परेशानी हो रहा है ़
डॉ ब्रजभूषण प्रसाद, अस्पताल उपाधीक्षक
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