अनुमति की आस में भवन पड़ा है बेकार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Oct 2017 10:06 AM
विज्ञापन
जहानाबाद नगर : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल परिसर में 10 करोड़ 18 लाख की लागत से जीएनएम स्कूल का भवन एवं छात्रावास का निर्माण कराया गया था. निर्माण कार्य पूरा होने के उपरांत दोनों भवन अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर भी किया जा चुका है, लेकिन इस भवन का उपयोग नहीं हो रहा है. करोड़ों […]
विज्ञापन
जहानाबाद नगर : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल परिसर में 10 करोड़ 18 लाख की लागत से जीएनएम स्कूल का भवन एवं छात्रावास का निर्माण कराया गया था.
निर्माण कार्य पूरा होने के उपरांत दोनों भवन अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर भी किया जा चुका है, लेकिन इस भवन का उपयोग नहीं हो रहा है. करोड़ों की लागत से बने इस भवन को देखकर अस्पताल में इलाज कराने आनेवाले मरीजों को लगता है कि यहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. लेकिन, भवन में ताला लटक रहा है. जीएनएम तथा छात्रावास के लिए बने इस भवन को खाली देख मगध प्रमंडल के आयुक्त द्वारा इस भवन में अस्पताल संचालन का निर्देश दिया गया था, लेकिन विभाग द्वारा इसकी अनुमति नहीं मिली.
इस कारण भवन खाली पड़ा है. न तो इस सत्र में जीएनएम स्कूल का संचालन ही आरंभ हुआ और न ही इस भवन का उपयोग अस्पताल संचालन के लिए किया गया. ऐसे में करोड़ों की लागत से बना यह भवन बेकार पड़ा है. सरकार के सात निश्चयों के तहत सभी अनुमंडल मुख्यालय में जीएनएम स्कूल खोलने की योजना है. इसी योजना के तहत इस भवन का निर्माण कराया गया है, लेकिन भवन का उपयोग नहीं हो रहा है.
जर्जर भवन में संचालित हो रहा है अस्पताल
जिले में वर्ष 1981 में सदर अस्पताल की स्थापना हुई थी. उसी समय अस्पतालके लिए भवन का निर्माण कराया गया था. उसी भवन में अस्पताल का संचालन हो रहा है.
सरकार द्वारा अस्पताल में बेडों की संख्या तो लगातार बढ़ायी जाती रही, लेकिन भवन निर्माण नहीं होने से उसी पुराने भवन में किसी तरह 300 बेडों का अस्पताल संचालित किया जा रहा है. ऐसे में अस्पताल को नये भवन की दरकार है. पुराना भवन जर्जर होने के कारण अक्सर सिलिंग तथा छत का प्लास्टर टूट कर गिरता रहता है. यहां तक कि अस्पताल का पोर्टिको भी धराशायी हो चुका है
जर्जर भवन को देखते हुए ही मगध प्रमंडल के आयुक्त द्वारा अस्पताल परिसर में जीएनएम स्कूल एवं छात्रावास के लिए बने भवन को खाली देख उसमें अस्पताल संचालन का निर्देश दिया गया था, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा जब विभाग से इस संबंध में पत्राचार किया गया, तो विभाग की अनुमति नहीं मिली. ऐसे में नया भवन बेकार पड़ा है, जबकि जर्जर भवन में ही अस्पताल का संचालन हो रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










