कोचिंगों का रजिस्ट्रेशन जरूरी

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कार्यक्रम. शिक्षा मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर की समीक्षा पारदर्शिता के साथ होगा विभाग का काम शिक्षा का प्रचार-प्रसार सभी के लिए हो जहानाबाद : सूबे के शिक्षामंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने शनिवार को जदयू कार्यालय में प्रेस वार्ता कर शिक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर समीक्षा कर दुरुस्त करने की बात […]

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कार्यक्रम. शिक्षा मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर की समीक्षा

पारदर्शिता के साथ होगा विभाग का काम
शिक्षा का प्रचार-प्रसार सभी के लिए हो
जहानाबाद : सूबे के शिक्षामंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने शनिवार को जदयू कार्यालय में प्रेस वार्ता कर शिक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर समीक्षा कर दुरुस्त करने की बात कही है. मंत्री ने कहा कि विभाग छोटा और बड़ा नहीं होता, कार्यशैली ठीक होनी चाहिए. शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए सीएम भी सजग हैं और बिंदुवार समस्या और निदान पर विस्तार से अधिकारियों के साथ मंथन कर रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन कैसे लाया जाये इस पर काम चल रहा है. चुनौती को अवसर में बदलने का वक्त है और शिक्षा पर काम करने की चुनौती भी. हम मिल-जुल कर समस्याओं का फ्रेंडली होकर निदान निकालेंगे.
11 अगस्त को पटना में सूबे के आरडीडी और डीइओ की बैठक बुलायी गयी है. जिला स्तर पर प्रत्येक विद्यालयों के तीन छात्र, दो छात्रा और एक शिक्षक के साथ संयुक्त रूप से बैठक कर समस्याओं को सुनेंगे और उसका निदान निकाला जायेगा. विभाग के काम को पारदर्शिता के साथ करना एक संकल्प है. एक परिवर्तन महसूस हो, लोगों का सक्रिय सहयोग मिले, शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनेंगे. अधिकारी जिम्मेवारी का निर्वाह करें. मिड-डे-मिल भोजन के बाद विद्यालयों से बच्चों की अनुपस्थिति को कैसे रोका जाये इस पर प्लान करेंगे. वहीं हाइ स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के बावजूद छात्र कोचिंग की ओर भाग रहे हैं.
हम उस व्यवस्था को रोककर हाइ स्कूलों में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहेंगे. कोचिंग संस्थानों में छात्रों के हो रहे दोहन से खिन्न मंत्री ने कहा कि कोचिंग संस्थानों की स्थिति बदतर है. एक हॉल में 500-500 बच्चों को एक साथ माइक द्वारा पढ़ाया जा रहा है. कोचिंग व्यवस्था शिक्षा को और प्रभावित कर रही है. हम इस पर विराम लगाने के लिए कोचिंग रजिस्ट्रेशन एक्ट को सूबे में कड़ाई से लागू करेंगे.
निजी विद्यालयों की मनमानी पर भी सख्ती की जायेगी. वहीं 50 वर्ष से ऊपर उम्र के अयोग्य शिक्षकों को जबरन रिटायर करने पर सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री ने कहा कि इसके लिए भी मानक तैयार कर सघन जांच होगी. अक्षम और अयोग्य शिक्षकों द्वारा गुणवत्ता की बात करना बेमानी होगी. विभाग के स्तर पर कमेटी तय करेगी कि कौन योग्य है और कौन अयोग्य. अभिभावकों की भूमिका पर भी वार करते हुए मंत्री ने कहा कि अब बच्चों की पढ़ाई पर अभिभावक आंख मूंद कर पैसे झोंकते जा रहे हैं,
लेकिन उसकी मॉनीटरिंग नहीं कर पाते. आखिरकार बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किये जा रहे पैसों का सदुपयोग हो रहा या नहीं. उन्हें भी सजग होने की जरूरत है. वैसे विद्यालय जिनका भवन नहीं है हम चिह्नित कर रहे हैं. वहीं हाइ स्कूलों में तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए अनुबंध पर भी हम शिक्षकों की बहाली करेंगे. प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री अभिराम शर्मा, जदयू जिलाध्यक्ष राजीव नयन उर्फ राजू,भाजपा जिलाध्यक्ष पूनम सिंहा, रालोसपा नेता प्रवीण कुमार, भाजपा नेता नरेश कुमार, अजीत शर्मा, जय प्रकाश चंद्रवंशी, जगदीश कुशवाहा, चंदेश्वर विंद समेत एनडीए के कई नेता मौजूद थे.
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