डंपिंग जोन के लिए डीएम से मांगी जमीन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पहल.नप ने पांच एकड़ भूमि की जतायी जरूरत डीएम ने दो सीओ को जमीन चिह्नित करने का दिया निर्देश शहर में कूड़ा-कचरा फेंकने के लिए नहीं है निर्धारित स्थल जहानाबाद : नगर पालिका का गठन हुए 54 साल बीत गये, लेकिन शहर के गली-मुहल्लों से निकलने वाले कूड़े-कचरे फेंकने के लिए एक डंपिंग जोन आज […]
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पहल.नप ने पांच एकड़ भूमि की जतायी जरूरत
डीएम ने दो सीओ को जमीन चिह्नित करने का दिया निर्देश
शहर में कूड़ा-कचरा फेंकने के लिए नहीं है निर्धारित स्थल
जहानाबाद : नगर पालिका का गठन हुए 54 साल बीत गये, लेकिन शहर के गली-मुहल्लों से निकलने वाले कूड़े-कचरे फेंकने के लिए एक डंपिंग जोन आज तक नहीं बन पाया. इसका कारण है जमीन उपलब्ध नहीं होना. ऐसी हालत में शहर की गंदगी दरधा नदी या शहर से सटे बाहर में जहां-तहां सड़क किनारे फेंकी जा रही है. पूर्व के दिनों में डंपिंग जोन बनाने के लिए नगर पर्षद द्वारा किया गया प्रयास भी असफल हो गया. ऐसी हालत में अब डीएम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार ने जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह को पत्र लिखकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. शहरी क्षेत्र में पांच किलोमीटर की परिधि में भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया गया है.
54 साल से बनी हुई है समस्या, निरर्थक हुआ निविदा :वर्ष 1962 में जहानाबाद नगर पालिका का गठन हुआ था. इसके पूर्व 1911 में अधिसूचित क्षेत्र समिति (नोटिफायड एरिया) पर सफाई की जिम्मेवारी थी. धीरे-धीरे शहर की आबादी बढ़ी .वार्डों की संख्या बढ़ायी गयी और वर्ष 2007 में नगर पालिका से नगर पर्षद का दर्जा दिया गया. नगर पालिका के गठन काल से अब तक शहर से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर निकलने वाले कूड़े-कचरे फेंकने के लिए एक डंपिंग जोन नहीं बन पाया. इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी बताते हैं कि ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिए (कचरा डंप करने के लिए) भूमि के लिए दो बार निविदा निकाली गयी थी, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने इसमें अभिरुचि नहीं ली. ऐसी हालत में कचरा डंप करने की समस्या बनी हुई है. यहां उल्लेखनीय है कि डंपिंग जोन नहीं रहने के कारण शहर के घोसी मोड़ पर सड़क किनारे कूड़े फेंका जाता है इस कारण पूर्व में विवाद भी हुआ था. हल्ला-हंगामा के बाद सफाइ कर्मी ट्रैक्टरों पर कचरें लाद कर या तो नदी में फेंकते हैं या सड़क किनारे या फिर घोसी मोड़ के पास. अब स्थायी समाधान करने के लिए नगर पर्षद प्रशासन ने पहल कर डीएम से जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.
जहानाबाद व काको के सीओ को दिया गया निर्देश:नगर पर्षद के पत्र के आलोक में डीएम ने भी पहल शुरू कर दी है. उन्होंने जहानाबाद और काको के अंचलाधिकारियों को जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है. डीएम ने अंचलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि नगर की आबादी क्षेत्र से पांच किलोमीटर की परिधि में जहानाबाद और काको अंचल का क्षेत्र आता है. वैसी जमीन को चिह्नित करें जो जल श्रोत से संबंधित नहीं हो. डीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि सरकारी भूमि नगर विकास व आवास विभाग के पक्ष में नि:शुल्क अंतर्विभागीय भू-हस्तांतरण करने के लिए जमीन से संबंधित प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर समर्पित करें. इस संबंध में नगर पर्षद प्रशासन द्वारा नगर विकास विभाग को भी सूचित किया गया है. डंपिंग जोन के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध हो जाने पर शहर की एक बड़ी समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा.
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