267 की जगह 420 से 450 रुपये में मिल रहा यूरिया, किसान परेशान

प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की कालाबजारी हो रही है. सरकार के निर्धारित मूल्य 267 रुपये प्रति बोरी की जगह किसानों को 420 से 450 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं.
गिद्धौर . प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की कालाबजारी हो रही है. सरकार के निर्धारित मूल्य 267 रुपये प्रति बोरी की जगह किसानों को 420 से 450 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं. मजबूरी में गरीब किसान महंगे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं. किसानों का आरोप है कि उर्वरक विक्रेता कृत्रिम किल्लत दिखाकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं, दुकानदार यूरिया के साथ जबरन जिंक पाउडर भी थमा रहे हैं. गिद्धौर के सोनू सिंह, कुणाल सिंह, सौरभ कुमार, भगीरथ यादव, रविंद्र यादव, गोवर्धन यादव समेत कई किसानों ने बताया कि बाजार में खुलेआम कालाबजारी हो रही है. धोबघट के किसान सोनू सिंह ने कहा कि उन्होंने 440 रुपये में यूरिया की बोरी खरीदी. किसानों का कहना है कि फसल के अहम मौसम में विभागीय उदासीनता के कारण वे दोहरी मार झेल रहे हैं. पंचायतवार कीमतें अलग-अलग बताई जा रही हैं-गिद्धौर बाजार में 420-450, रतनपुर में 440, मौरा में 410-440, गुगुलडीह में 420-450, सेवा में 460 और गंगरा में 430 रुपये प्रति बोरी खाद बीक रहीं है. इसे ले कर पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने कहा कि तय मूल्य से अधिक वसूली गलत है. शिकायत पर जांच टीम गठित कर दोषी पाए जाने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जायेगी.
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