मोबाइल का टॉर्च जला मरीजों का हुआ इलाज, प्रबंधन बना लापरवाह

सदर अस्पताल में लाइट नहीं रहने के कारण मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि ड्यूटी पर मौजूद डॉ मनीष कुमार द्वारा मोबाइल की रौशनी में ही उक्त मरीजों का इलाज किया गया.
जमुई . सदर अस्पताल की कुव्यवस्था दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसका खामियाजा इलाज के लिये आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है. ताजा मामला बीते रविवार की देर रात का जब अचानक सदर अस्पताल अंधेरे में डूब गया. इसी समय सदर थाना क्षेत्र के मनियड्डा गांव निवासी विवेक राज, बालेश्वर मांझी इलाज के लिए इमरजेंसी कक्ष पहुंचे लेकिन सदर अस्पताल में लाइट नहीं रहने के कारण मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि ड्यूटी पर मौजूद डॉ मनीष कुमार द्वारा मोबाइल की रौशनी में ही उक्त मरीजों का इलाज किया गया. वहीं इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
कहते हैं प्रबंधक
अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि बिजली सप्लाई करने वाले चेंजर में कुछ तकनीकी खराबी आ गयी थी. हालांकि जल्द ही इसे दुरुस्त कर लिया गया था.
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