मृतक के बगल में पड़ा रहा कंबल में फंसा खोखा, हफ्तेभर बाद मिला सुराग<bha>;</bha> पुलिस जांच पर उठे सवाल
Published by : PANKAJ KUMAR SINGH Updated At : 23 Mar 2026 9:25 PM
नगर क्षेत्र के लगमा मुहल्ला निवासी गणेश रावत हत्याकांड में जांच को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आयी है. घटना के कई दिन बाद मृतक के परिजनों को ही घटनास्थल से अहम सबूत मिला, इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं.
– शव के ठीक बगल में पड़े कंबल की ओर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं गया, न तो कंबल को खंगाला गया और न ही उसे जांच के दायरे में लिया गया, लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल -घटना से स्तब्ध परिजनों ने एसपी से गंभीरता से जांच करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की जमुई. नगर क्षेत्र के लगमा मुहल्ला निवासी गणेश रावत हत्याकांड में जांच को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आयी है. घटना के कई दिन बाद मृतक के परिजनों को ही घटनास्थल से अहम सबूत मिला, इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. आक्रोशित परिजनों और मोहल्लेवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. बताया जाता है कि बीते 16 मार्च को गणेश रावत का शव उसके निर्माणाधीन मकान से लहूलुहान हालत में बरामद किया गया था. सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. हालांकि, घटना के समय ही मृतक के परिजनों ने गोली मारकर हत्या किये जाने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस की ओर से इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जांच के दौरान शव के ठीक बगल में पड़े कंबल की ओर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं गया. न तो कंबल को खंगाला गया और न ही उसे जांच के दायरे में लिया गया. घटना के सात-आठ दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस कोई ठोस सुराग नहीं जुटा सकी, तो रविवार को परिजन स्वयं निर्माणाधीन मकान की साफ-सफाई करने पहुंचे. इसी दौरान कंबल में फंसी खून लगी बुलेट का खोखा उनकी नजर में आया. परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बुलेट के खोखे को जब्त कर लिया. स्थानीय लोगों के अनुसार, कंबल में फंसी खोखा पर खून के साथ मृतक के बाल भी चिपके हुए थे, जो कई दिनों में सूख चुके थे. घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारियों को लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा. लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रारंभिक जांच के दौरान ही कंबल की ठीक से जांच की जाती, तो संभवतः अब तक हत्यारा पकड़ में आ चुका होता. इधर, परिजन पूरी तरह स्तब्ध हैं और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण मामले में देरी हो रही है. वहीं, लोगों ने एसपी सहित सभी वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की ताकि हत्या आदि घटना पर विराम लग सके और आमलोगों का भी पुलिस पर विश्वास बढ़े.
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